
एडटेक स्टार्टअप कंपनी बायजू जल्द भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी से गायब हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बायजू भारी नुकसान झेल रही है और अब अपने अतिरिक्त खर्च में कटौती करना चाह रही है। इसलिए वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ की गई स्पॉन्सरशिप डील से बाहर निकलना चाहता है।
अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स (ET) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 'बायजू ने बीसीसीआई से कहा है कि वह स्पॉन्सरशिप डील पर कुछ समय देना चाहता है। कंपनी मार्च 2023 तक एक प्रायोजक के रूप में जारी रह सकती है। बायजू बीसीसीआई के साथ स्पॉन्सरशिप डील से बाहर निकलना चाहता है क्योंकि कंपनी भारत में अपने मीडिया खर्च में कटौती कर रहा है।
एडटेक कंपनी बायजू ने मार्च 2023 तक फिर मुनाफे में आने की योजना पर काम कर रही है। बायजू के मुताबिक वर्ष 2021 में कंपनी का घाटा 20 गुना बढ़कर 4,588 करोड़ रुपये हो गया था। वहीं रेवेन्यू 4% बढ़कर 2,280 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का विज्ञापन और प्रचार खर्च 899 करोड़ रुपये से 150 फीसदी बढ़कर 2,251 करोड़ रुपये हो गया था। बीसीसीआई की जर्सी डील के अलावा बायजू इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के इवेंट्स का आधिकारिक स्पॉन्सर भी है। अपनी वैश्विक विस्तार योजनाओं के अनुरूप, कंपनी फीफा वर्ल्ड कप 2022 की आधिकारिक प्रायोजक बन गई।
इससे पहले खबर आई थी कि बायजूस का बीसीसीआई पर 86.21 करोड़ रुपए बकाया है। हालांकि बायजूस ने ऐसे किसी बकाया से इंकार किया था। अप्रैल में ही एडटेक कंपनी बायजूस और बीसीसीआई ने अपनी साझेदारी भारत में होने वाले 2023 वनडे विश्व कप के अंत तक बढ़ाने पर सहमति जतायी थी, जिसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी थी। बायजूस 2019 में बोर्ड से जुड़ी थी, जब मोबाइल मैन्यूफैक्चरर ओप्पो (Oppo) ने अपने स्पॉन्सरशिप राइट ऑनलाइन ट्यूटोरियल फर्म को ट्रांसफर कर दिए थे।
Published on:
15 Dec 2022 12:01 pm
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