
India vs South Africa Test: सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी हार मिली। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन के चलते दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पारी और 32 रनों से हरा दिया। उम्मीद थी कि अफ्रीका में भारतीय टीम 31 सालों बाद सीरीज जीतने का कारनामा करेगी। लेकिन इस हार के साथ भारत का यह सपना धरा का धरा ही रह गया।
इस हार की मुख्य वजह भारतीय बल्लेबाजों का शर्मनाक प्रदर्शन है। इस सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने युवाओं को मौका देते हुए अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और पूर्व उपकप्तान अजिंक्य रहाणे को नहीं चुना। नतीजा यह रहा कि भारतीय बल्लेबाज पूरा एक दिन भी क्रीज़ पर नहीं टिक पाये और दूसरी पारी में ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। सेंचुरियन में जिस तरह टीम इंडिया ने 3 दिनों में सरेंडर किया, उससे एक बात साफ है कि इन उछाल भरी पिचों में अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा को नहीं चुनना भारतीय टीम को भारी पड़ा है।
टी20 क्रिकेट के दौर में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जिन्हें ओल्ड स्कूल क्रिकेट खेलना आता है। ऐसे खिलाड़ियों को टेस्ट स्पेशलिस्ट कहा जाता है। अन्य टीमों के पास टेस्ट स्पेशलिस्ट के नाम पर मुश्किल से ऐसा कोई एक खिलाड़ी है। लेकिन भारत के पास तीन -तीन हैं। इसके बावजूद भारतीय चयनकर्ताओं को इन दिग्गजों की कद्र नहीं है और बिना किसी ठोस कारण के उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता है।
भारत के पास टेस्ट स्पेशलिस्ट के नाम पर अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रविचन्द्र अश्विन हैं। लेकिन बावजूद इसके इन टीमों खिलाड़ियों को टीम में बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जहां अश्विन को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फ़ाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला था। वहीं पुजारा और रहाणे को दक्षिण अफ्रीका के दौरे से बाहर कर दिया गया।
इन दोनों कि जगह श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल को मौका दिया गया। जो पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए। गिल ने इस मैच में मात्र 28 रन बनाए। वे पहली पारी में 2 और दूसरी पारी में 26 रन रन बनाकर चलते बने। गिल के टेस्ट क्रिकेट के फॉर्म पर नजर डाली जाए तो 13, 18, 6, 10, 29 नॉट आउट, 2 , 26 की पारियां खेली हैं।
वहीं यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 17 और दूसरी पारी में 5 रन बनाए। लेकिन सेंचुरियन की तेज और बाउंसी पिच पर वे संघर्ष करते नज़र आए। वहीं अय्यर ने पहली पारी मेन 31 और दूसरी पारी में 6 रन बनाए। ऐसे में फैंस को पुजारा और रहाणे की याद आई। पुजारा और रहाणे के पास ऐसी पिचों में खेलने का अनुभव है। खास कर रहाणे जिन्हें उछाल भरी पिचों में बल्लेबाजी करना पसंद है।
रहाणे की वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फ़ाइनल में वापसी हुई थी और उस मैच में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 89 और 46 रन की पारी खेली थी। लेकिन इसके बाद वे वेस्टइंडीज दौरे पर वह कुछ खास नहीं कर सके थे। दो टेस्ट की दो पारियों में वह सिर्फ 11 रन बना सके थे। उससे पहले श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था।
वहीं, चेतेश्वर पुजारा को भी टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। पुजारा ने पिछला टेस्ट इस साल जून में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उसमें उन्होंने दो पारियों में 14 और 27 रन की पारी खेली थी। इसके बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर ही हैं। रहाणे और पुजारा की कहानी का सार ये है कि इन दोनों बल्लेबाजों ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन इन दोनों से ही जिस तरह के बड़े स्कोर की उम्मीद रहती है उससे भी ये दूर रहे हैं।
पहले टेस्ट मैच का हाल -
बारिश कारण पहले दो दिन करीब 134 ओवर का ही खेल हो पाया। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने पहली पारी में 245 रन बनाए थे। वहीं, दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 408 रन बनाए। अफ्रीकी टीम ने पहली पारी में 163 रन की बढ़त मिली थी। इसके जवाब में भारतीय टीम दूसरी पारी सिर्फ 131 रनों पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका से पहली पारी में 185 रन बनाने वाले डीन एल्गर प्लेयर ऑफ द मैच रहे। वह अपने करियर की आखिरी टेस्ट सीरीज में खेल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कगिसो रबाडा ने पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में तीन विकेट लिए। नांद्रे बर्गर को पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में चार बल्लेबाजों को आउट किया। भारत की दूसरी पारी में विराट कोहली 76 रन और शुभमन गिल 26 रन के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई अंक तक नहीं पहुंच सका। चार बल्लेबाज शून्य पर आउट हुये।
Updated on:
29 Dec 2023 04:44 pm
Published on:
29 Dec 2023 04:24 pm
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