
IPL: मेहनत के साथ-साथ धोनी अंकज्योतिष पर भी करते हैं विश्वास, खुद समझाया अंकों का खेल
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें संस्करण में वानखेड़े स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने शेन वाटसन के शतक की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद को मात दी। चेन्नई ने यहां अपना 7 फाइनल मुकाबला खेलते हुए तीसरी बार ट्रॉफी जीती है। चेन्नई सुपर किंग्स की ताकत उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं। उन्होंने मैच जीतने के बाद एक खास संयोग की चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हमारी टीम के खिलाड़ियों के उम्र की चर्चा बहुत हुई। उन्होंने कहा उम्र से अधिक जरुरी हमारी फिटनेस होती है। मैच जीतने के बाद कप्तान धोनी ने कई साड़ी बातें कहीं।
बल्लेबाजों ने किया अच्छा प्रदर्शन-धोनी
धोनी ने कहा कि "जब तक हम फाइनल मुकाबले में पहुंचते हैं, सभी खिलाड़ियों को यह पता होता है कि किसको क्या करना है। फील्डरों को पता होता है कि उन्हें क्या करना है, वहीं बल्लेबाजों की शैली से सभी परिचित होते हैं। जब कोई बल्लेबाज परेशानी का सामना कर रहा होता है तो आप जानते हैं कि जो दूसरा बल्लेबाज अब बल्लेबाजी करने उतरेगा उसे भी दिक्कतों का सामना करना होगा। ऐसा नहीं है कि उनकी टीम में केवल एक गेंदबाज था जो हमें दिक्कतों में डाल सकता था, रशीद के साथ भुवनेश्वर भी उतने ही चतुर हैं। तो यह हमर बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन था। लेकिन हमें अपनी मिडिल आर्डर बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा था।"
चुटकी लेते हुए बताया योग ? का संयोग
धोनी ने कहा कि बहुत से लोग स्टैट्स पैर चर्चा करते हैं तो मैं भी आपको एक योग के बारे में बताता हूं। उन्होंने बताया आज 27 तारीख है, मेरी जर्सी का नंबर 7 है और हमारी टीम के लिए यह 7वां फाइनल मुकाबला था। इसका मतलब तो यह हुआ कि धोनी भी अंकों के इस गणित पर भरोसा करते हैं। हलाकि उन्होंने यह बात मजाक में की। उन्होंने आगे कहा कि जीत के लिए बहुत से कारण थे। लेकिन यह सब बिलकुल भी मैटर नहीं करते। फर्क यह डालता है कि अंत में हम जीत गए। धोनी ने उम्र पर भी बोलते हुए कहा कि उम्र चाहे 19 हो या 20, यह महत्व नहीं रखता। महत्वपूर्ण बात यह है कि आप कितने फुर्तीले हैं। उन्होंने रायडू को लेकर कहा कि उनकी उम्र 33 है लेकिन वह बहुत फुर्तीले हैं और मैदान अपर बहुत मेहनत करते हैं।
वाटसन ने चेन्नई को बनाया चैंपियन
चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई को वाटसन और उनके जोड़ीदार फाफ डु प्लेसिस (10) ने तेज शुरुआत देने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहे क्योंकि भुवनेश्वर कुमार और संदीप शर्मा ने दोनों को बंधे रखा। इसी दबाव में डु प्लेसिस ने संयम खो दिया और बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में संदीप की गेंद पर उन्हीं के द्वारा लपके गए। लगा हैदराबाद हावी हो जाएगी लेकिन वाटसन ने ऐसा होने नहीं दिया और इसमें सुरेश रैना ने उनका बखूबी साथ दिया। दोनों ने तेजी से रन बटोरने के साथ सूझबूझ से पारी को बनाया। दोनों जानते थे कि राशिद खान उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं इसिलए उन पर वार नहीं किया। राशिद के कुल तीन ओवरों ने इन दोनों खिलाड़ियों ने सिर्फ 12 रन लिए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 117 रनों की साझेदारी की। रैना को कार्लोस ब्रैथेवट ने 14वें ओवर की तीसरी गेंद पर 133 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेजा। वाटसन ने 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर एक रन लेकर इस सीजन में अपना दूसरा शतक पूरा किया जिसके लिए उन्होंने 51 गेंदें लीं।
हैदराबाद ने दिया था चुनौतीपूर्ण स्कोर
धोनी ने टॉस जीतकर हैदराबाद को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। हैदराबाद के लिए अंत में ब्रैथवेट ने 10 गेंदों में तीन छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। वहीं युसूफ पठान का बल्ला इस मैच में चल पड़ा और वह 25 गेंदों में चार चौके और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाकर नाबाद लौटे। इन दोनों ने आखिरी के तीन ओवरों में 34 रन जोड़ अपनी टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर प्रदान किया। ब्रैथवेट पारी की आखिरी गेंद पर आउट हुए। हैदराबाद को दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर पहला झटक लगा। श्रीवत्स गोस्वामी (5) गलतफहमी के चलते 13 के कुल स्कोर पर रन आउट हो गए। इसके बाद शिखर धवन (26) और केन विलियमसन (47) की जोड़ी ने टीम को संभाला और स्कोर बोर्ड को अच्छे से चलाया। शाकिब अच्छी लय में थे। वह 14 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 23 रन बना चुके थे, लेकिन अपनी पारी की 15वीं गेंद पर वह सुरेश रैना के हाथों लपके गए। दीपक हुड्डा (3)17वें ओवर की आखिरी गेंद पर 144 के कुल स्कोर पर लपके गए। यहां से ब्रैथवेट और पठान ने मोर्चा संभाला। चेन्नई के लिए लुंगी नगिदी, रवींद्र जडेजा, शार्दूल ठाकुर, कर्ण शर्मा, ड्वायन ब्रावो ने एक-एक विकेट लिए
Published on:
28 May 2018 12:11 pm

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