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ललित मोदी का बड़ा दावा: BCCI की इस गलती से हर साल हो रहा है IPL को 2400 करोड़ का भारी नुकसान!

Lalit Modi Statement On IPL: IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने BCCI पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि गलत फॉर्मेट की वजह से बोर्ड और टीमों को हर साल 2400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। जानें क्या है 94 मैचों का वो गणित और क्यों मोदी ने कहा, 'जगह नहीं तो टीमें मत बढ़ाओ'।

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भारत

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Anshika Verma

Apr 07, 2026

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पूर्व कमिश्नर ललित मोदी और महिंद्र सिंह धोनी (Photo - ESPN)

IPL 2026, Lalit Modi Calls Out BCCI Mistake: आईपीएल के फादर कहे जाने वाले पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि बीसीसीआई (BCCI) की एक छोटी सी चूक की वजह से बोर्ड और आईपीएल टीमों को हर साल कुल 2400 करोड़ रुपये का चूना लग रहा है। ललित मोदी ने इसके पीछे की पूरी गणित समझाई है।

आखिर कहां हो रही है गड़बड़?

ललित मोदी के मुताबिक, आईपीएल का असली नियम 'होम-एंड-अवे' (Home-and-Away) फॉर्मेट था। इसका मतलब है कि हर टीम को दूसरी टीम के साथ दो बार खेलना चाहिए, एक बार अपने मैदान पर और एक बार सामने वाली टीम के मैदान पर। जब 2022 में आईपीएल में 10 टीमें हुईं, तो उस हिसाब से लीग फेज में 90 मैच होने चाहिए थे और उसके बाद 4 नॉकआउट मैच। मगर अभी आईपीएल में सिर्फ 74 मैच ही कराए जा रहे हैं। ललित मोदी का कहना है कि मैचों की संख्या कम होने से सीधा असर कमाई पर पड़ रहा है।

2400 करोड़ का हिसाब-किताब

ललित मोदी ने बताया कि हर मैच से होने वाली कमाई का 50% हिस्सा BCCI को मिलता है और बाकी 50% टीमों में बांटा जाता है। अगर 90+ मैच होते, तो मीडिया राइट्स से होने वाली कमाई 2400 करोड़ रुपये ज्यादा होती। इस एक्स्ट्रा कमाई में से 1200 करोड़ BCCI के पास जाते और बाकी 1200 करोड़ 10 टीमों में बंटते (यानी हर टीम को 120 करोड़ का फायदा)। मैचों की कमी की वजह से टीमें अब अपने हिस्से के 20 मैच मिस कर रही हैं, जिससे उनकी वैल्यूएशन पर भी असर पड़ रहा है।

'कैलेंडर में जगह नहीं तो टीमें मत बढ़ाओ'

ललित मोदी ने तीखे शब्दों में कहा कि यह टीमों के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी है कि उन्हें होम-एंड-अवे मैच दिए जाएं। उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अगर कैलेंडर में जगह नहीं है, तो टीमों की संख्या मत बढ़ाओ। यह बहुत सिंपल सी बात है। टीमें आज जो फीस दे रही हैं, उसके बदले उन्हें पूरे मैच मिलने चाहिए। मैं गारंटी देता हूं कि किसी भी टीम ने कम मैचों के लिए साइन नहीं किया होगा।'

टीमों की बढ़ती वैल्यू से खुश हैं मोदी

भले ही ललित मोदी बोर्ड की नीतियों से नाराज हों, लेकिन वे इस बात से खुश हैं कि RCB और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों की वैल्यू अब करीब 31,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उनका मानना है कि अगर सही फॉर्मेट का पालन किया जाए, तो यह वैल्यू और भी तेजी से बढ़ सकती है।
ललित मोदी का कहना साफ है कि अगर बीसीसीआई को अपना और टीमों का फायदा बढ़ाना है, तो उसे पुराने 'होम-एंड-अवे' फॉर्मेट पर पूरी तरह वापस आना होगा और मैचों की संख्या बढ़ानी होगी।