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रणजी ट्रॉफी का फाइनल हुआ ड्रॉ तो कौन बनेगा चैंपियन, तीसरे दिन तक बराबरी पर कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर

Ranji Trophy final: रणजी फाइनल में मयंक अग्रवाल के शतक के बावजूद कर्नाटक 5 विकेट पर 162 रन बनाकर जम्मू-कश्मीर के 584 से 422 रन पीछे है। ड्रॉ की स्थिति में पहली पारी की बढ़त से विजेता तय होता है। मौजूदा हालात में ड्रॉ का मतलब होगा जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक पहला रणजी खिताब।​​​​​​​​​​​​​​​​

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भारत

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Saksham Agrawal

Feb 26, 2026

Ranji Trophy Final: Karnataka vs Jammu and Kashmir

रणजी ट्रॉफी फाइनल: कर्नाटक बनाम जम्मू-कश्मीर (Image: BCCI Domestic)

Ranji Trophy Final: रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मुकाबला केएससीए क्रिकेट ग्राउंड, हुब्बल्ली में कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच खेला जा रहा है। जम्मू-कश्मीर ने अपनी पहली पारी 584 रन पर घोषित की, जिसमें शुभम पुंडीर (121), यावर हसन (88), पारस डोगरा (70), कन्हैया वाधवान (70), अब्दुल समद (61) और साहिल लोत्रा (57) ने अहम भूमिका निभाई। जवाब में कर्नाटक की पहली पारी फिल्हाल मुश्किल में नजर आ रही है।

हालांकि मयंक अग्रवाल ने अपनी टीम को एक छोर से संभालते हुए शानदार शतक पूरा किया, लेकिन दूसरे छोर से विकेट लगातार गिरते रहे। कर्नाटक ने 5 विकेट खोकर 162 रन बनाए हैं, यानी अभी भी जम्मू-कश्मीर से 422 रन पीछे है। निचला क्रम अभी बाकी है और जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज पूरे जोश में दिख रहे हैं।

ड्रॉ हुआ मैच तो कैसे तय होगा विजेता, क्या हैं रणजी के नियम?

रणजी ट्रॉफी में अगर फाइनल मैच पांच दिन के खेल के बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंचता, तो पहली पारी में अधिक रन बनाने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है। रणजी ट्रॉफी के हर स्टेज पर यही नियम लागू होता है, ड्रॉ होने पर पहली पारी में बढ़त के आधार पर विजेता टीम का फैसला किया जाता है। कर्नाटक खुद इसी नियम की बदौलत सेमीफाइनल में उत्तराखंड के खिलाफ ड्रॉ मैच में फाइनल तक पहुंचा था, जहां पहली पारी की बढ़त उनके लिए निर्णायक साबित हुई थी।

मौजूदा स्थिति में ड्रॉ का मतलब जम्मू-कश्मीर का पहला खिताब

फिल्हाल हालात कर्नाटक के लिए बेहद मुश्किल है और मयंक के शतक के अलावा मैच में कुछ भी उनके पक्ष में नहीं है। टीम 162/5 के स्कोर पर जम्मू-कश्मीर के 584 से अभी भी बहुत पीछे है। निचले क्रम के बल्लेबाजों से इतनी बड़ी पारी की उम्मीद करना मुश्किल होगा। अगर कर्नाटक पहली पारी में जम्मू-कश्मीर से आगे नहीं निकल पाया और मैच ड्रॉ हुआ, तो जम्मू-कश्मीर 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लेगा।