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जानिए क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी से जुड़ी हर महत्वपूर्ण बात, इसका वजन ही कर देगा हैरान

पहली बार इस ट्रॉफी का निर्माण 1999 में हुआ था वर्ल्ड कप ट्रॉफी का निर्माण करने में 2 महीने का वक्त लगता है सोने और चांदी से बनती है ट्रॉफी

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Kapil Tiwari

May 29, 2019

World Cup Trophy

World Cup Trophy

नई दिल्ली। ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप का आगाज 30 मई से हो रहा है। दुनियाभर की 10 टीमें वर्ल्ड चैंपियन के खिताब के लिए इस टूर्नामेंट में शिरकत करेंगी। इस बार वर्ल्ड कप में सभी मैच राउंड-रोबिन फॉर्मेट के तहत खेले जाएंगे। आखिरी में टॉप 4 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी और 2 टीमें फाइनल में भिड़ेंगी और चैंपियन टीम इस चमचमाती हुई ट्रॉफी को ले जाएगी।

क्रिकेट वर्ल्ड कप की ये ट्रॉफी हर 4 साल बाद देखने को मिलती है, लेकिन इससे जुड़ी बातें और भी ज्यादा हैरान करने वाली हैं। वर्ल्ड कप ट्रॉफी में ढेर सारी खूबियां हैं, जो उसे अपने आप में खास बनाती हैं।

वर्ल्ड कप ट्रॉफी की खास बातें-

1. सोने-चांदी से मिलकर बनती है वर्ल्ड कप ट्रॉफी

क्रिकेट वर्ल्ड कप की ये ट्रॉफी सोने और चांदी से मिलकर बनी होती है। ट्रॉफी के ऊपर रखी हुई बॉल सोने की होती है, जिसे ग्लोब कहते हैं। गोल्डन बॉल तीन स्तंभों के सहारे टिकी होती है, जिसमें सोने और चांदी का मिक्सअप होता है। तीन स्तंभों का आकार(लेकिन मुड़ा हुआ) स्टंप्स और बेल्स की तरह होता है। ये तीन स्तंभ क्रिकेट के मूलभूत पहलू को दर्शाते हैं, जिनमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग होती है। वहीं, ग्लोब दुनिया के साथ-साथ क्रिकेट बॉल को दर्शाता है।

2. ट्रॉफी की बनावट

इस ट्रॉफी का निर्माण पहली बार 1999 में हुआ था। उससे पहले अलग तरह की ट्रॉफी चला करती थी। इस चमचमाती ट्रॉफी की लंबाई 60 सेंटीमीटर होती है और इसका वजह 11 किलो होता है। लंदन की एक टीम इस ट्रॉफी को दो महीने में बनाती है। डिजायनर पॉल मर्सडेन की गैरेड एंड कंपनी इस ट्रॉफी को बनाते आ रहे हैं।

3. कैसे होता है ट्रॉफी का निर्माण

वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा बार ऑस्ट्रेलिया ने इस ट्रॉफी को अपने नाम किया है। इस ट्रॉफी को बनाने में बहुत मेहनत लगती है। पहले इसके डिजाइन को स्कैच किया जाता है, फिर उसको कंप्यूटर से स्कैन कर सोलिड स्ट्रक्चर इमेज तैयार की जाती है। इसके बाद ट्रॉफी के हर पार्ट को बहुत ही सहजता के साथ तैयार किया जाता है। किसी अनुभवी नक्काश के जरिए इस ट्रॉफी 200 साल पुराने टूल्स से ट्रॉफी पर हाथ से नक्काशी की जाती है। ट्रॉफी के बेस पर पूर्व विजेता टीमों के नाम भी लिखे जाते हैं। ट्रॉफी में सबसे खास बात यह है कि इसमें वो सारे उपकरण होते हैं जो क्रिकेट खेलने में इस्तेमाल होता हैं।