
Makhaya Ntini accuses South African team are racist
जोहॉन्सबर्ग : अमरीका में श्वेत पुलिसकर्मी की हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जार्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के बाद से पूरी दुनिया में ब्लैक लाइव्स मैटर (Black lives matter) के आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इससे पता चल रहा है कि खेलों की दुनिया भी रंगभेद से खाली नहीं है। इसकी ताजा कड़ी में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज मखाया नतिनी (Makhaya Ntini) ने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम में खुद को अकेला महसूस करते थे। रंगभेद के कारण टीम के अन्य खिलाड़ी उनके साथ खाना तक नहीं खाते थे। वह उन्हें अलग रखते थे।
कई खिलाड़ी आए नस्लवाद के विरोध में सामने
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का मामला चरम पर रहा है। इस कारण लंबे समय तक दक्षिण अफ्रीका को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निष्कासित कर दिया गया था। अब वहां के क्रिकेटर दो हिस्सों में बंट गए हैं। बोएटा (Boeta Dippenar) डिपेनार और पैट सिमकॉक्स (Pat Symcox) जैसे कुछ क्रिकेटर ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के खिलाफ हैं तो हाल ही में दक्षिण अफ्रीका 30 खिलाड़ियों ने इस आंदोलन के पक्ष में संयुक्त बयान जारी कर समर्थन दिया है। इनके अलावा फॉफ डु प्लेसिस (Faf Du Plesis), हाशिम अमला (Hasim Amla) समेत कई और दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर भी नस्लवाद के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।
नतिनी ने अपना अनुभव साझा किया
इन 30 खिलाड़ियों में शामिल मखाया नतिनी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए ‘दक्षिण अफ्रीकी प्रसारण निगम’ से कहा कि उस जब वह राष्ट्रीय टीम के साथ क्रिकेट खेलते थे, तब हमेशा अकेले रहा करते थे। उन्होंने कहा कि खाना खाने जाते समय कोई भी खिलाड़ी उन्हें अपने साथ नहीं ले जाता था। यहां तक कि नाश्ते के कमरे कोई भी उनके साथ नहीं बैठता था। इतना ही नहीं, टीम के साथी खिलाड़ी उनके सामने ही योजना बनाते थे, लेकिन उसमें उन्हें शामिल नहीं करते थे।
बस के पीछे दौड़ते हुए जाते थे मैदान में
मखाया नतिनी ने कहा कि हम एक जैसी वर्दी पहनते हैं। एक ही राष्ट्रगान गाते हैं। उसके बाद भी उन्हें यह सब झेलना पड़ा। नतिनी ने कहा कि अलगाववाद से छुटकारा पाने के लिए वह टीम बस में जाने से बचते थे। बस ड्राइवर को अपना बैग देकर वह बस के पीछे दौड़ते-दौड़ते मैदान जाते थे। मैदान से वापसी में भी वह ऐसा ही करते थे। नतिनी ने कहा कि लोगों ने कभी यह नहीं समझा कि वह ऐसा क्यों करते थे। उन्होंने भी कभी नहीं बताया कि ऐसा क्यों कर रहे थे। नतिनी ने कहा कि उनके लिए यह अच्छा था, क्योंकि इससे वह किसी का सामना करने से बचते थे। नतिनी ने कहा कि वह एकांतवास से दूर भागने की कोशिश करते थे, लेकिन जब बस में आकर अगर पीछे बैठते तो वे सब आगे बैठ जाते थे। जब भी हम जीतते थे तो माहौल खुशनुमा होता था, लेकिन हारने का ठीकरा हमेशा उनके सिर फोड़ा जाता था।
नतिनी बोले, बेटे को भी झेलना पड़ा नस्लवाद
नतिनी ने कहा कि सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके बेटे थांडो नतिनी (Thando Ntini) को भी नस्लवाद का सामना करना पड़ा। नतिनी ने बताया कि उनके बेटे थांडो को अंडर-19 विश्व कप (U19 World Cup) के शिविर में जाने से लगभग रोक दिया गया था। बता दें कि मखाया नतिनी दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज रह चुके हैं। उन्होंने 662 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। उनके समय में दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी मजबूत थी। उनके साथी खिलाड़ियों में शॉन पोलाक, जैक कैलिस, मार्क बाउचर और लांस क्लूजनर जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं।
Updated on:
17 Jul 2020 10:21 pm
Published on:
17 Jul 2020 10:14 pm
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