
नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला ले लिया है। दरअसल, सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को खत्म करने से संबंधित संकल्प पत्र राज्यसभा में पेश किया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया गया है। साथ ही जम्मू-कश्मीर अब पूर्ण राज्य ना रहकर केंद्रशासित प्रदेश बन गया है। इतना ही नहीं सरकार ने लद्दाख को भी एक अलग केंद्रशासित प्रदेश घोषित कर दिया है।
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद सियासी गलियारों से मिली-जुली प्रतिक्रियां आ रही हैं। कई नेताओं ने फैसला का समर्थन किया है तो वहीं कांग्रेस पार्टी समेत कश्मीर के स्थानीय नेताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया है।
महबूबा मुफ्ती
- राज्यसभा में जैसे ही अमित शाह ने आर्टिकल 370 को खत्म करने वाले संकल्प पत्र को पेश किया, ठीक उसके कुछ देर बाद ही सबसे पहले महबूबा मुफ्ती का रिएक्शन आया। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करते हुए धमकी भरे लहजे में इस फैसले के परिणाम भुगतने की बात कही। महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि इस फैसले के अंजाम बहुत ही बुरे होंगे। महबूबा ने एकबार फिर से पाकिस्तान परस्ती दिखाते हुए कहा है कि 1947 में हिंदुस्तान के साथ आने का फैसला हमारा गलत था, आर्टिकल 370 को हटाना असंवैधानिक था। मुफ्ती ने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन है।
उमर अब्दुला
- हिंदुस्तान के खिलाफ आग उगलने में उमर अब्दुल्ला भी पीछे नहीं रहे हैं। मोदी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने भी महबूबा मुफ्ती की ही जुबान बोली है। अब्दुल्ला ने कहा है कि ये फैसला एकतरफा लिया गया है, ये भरोसे पर पूरी तरह से धोखा है।
Updated on:
05 Aug 2019 01:51 pm
Published on:
05 Aug 2019 01:47 pm
बड़ी खबरें
View Allक्रिकेट
खेल
ट्रेंडिंग
