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IND vs ENG: ‘ऊपर बैठे लोगों का हाथ… ‘, कन्कशन सब्स्टीट्यूट पर गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल का बड़ा खुलासा

इस पूरे मामले में अब भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने खुलासा किया है। मोर्कल ने कहा कि टीम प्रबंधन ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिवम दुबे के स्थान पर हर्षित राणा को चुना था।

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India vs England 4th T20, concussion substitute: इंग्लैंड के खिलाफ पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए चौथे टी20 मुक़ाबले में भारत ने 15 रन से जीत दर्ज़ करते हुए सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमा लिया। इस मैच में भारत ने चोटिल ऑलराउंडर शिवम दुबे की जगह तेज गेंदबाज हर्षित राणा को कनकशन सब्सीट्यूट नियम के तहत दूसरी पारी में प्लेइंग 11 में शामिल किया। राणा के फील्ड में आते ही मैच पूरी तरह से बदल गया और उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। जिसकी वजह से इंग्लैंड यह मैच हार गया।

इस पूरे मामले में अब भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने खुलासा किया है। मोर्कल ने कहा कि टीम प्रबंधन ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिवम दुबे के स्थान पर हर्षित राणा को चुना था। मोर्केल ने मैच के बाद कहा, 'शिवम पारी के ब्रेक में हल्के सिरदर्द के लक्षणों के साथ मैदान से बाहर चले गए। जिसके बाद हमने लाइक-फॉर-लाइक सब्सटीट्यूट के लिए मैच रेफरी के पास नाम भेजा और वहां से मैच रेफरी को निर्णय लेना था। जब निर्णय लिया गया, तब हर्षित खाना खा रहा था। इसलिए हमें उसे मैदान पर जाने और गेंदबाजी करने के लिए जितनी जल्दी हो सके तैयार किया।'

मोर्केल ने कहा, 'यह मेरे ऊपर बैठे लोगों के हाथ में है, मैच रेफरी निर्णय लेता है, हम केवल नाम को आगे बढ़ा सकते हैं और उसके बाद यह हमारे हाथ से बाहर हो जाता है। कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर हर्ष‍ित राणा को चुने जाने पर इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर नाराज़ हो गए। इसके अलावा अंग्रेज कमेंटेटर्स न‍िक नाइट और केव‍िन पीटरसन ने भी सवाल उठाए हैं।

मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ द्वारा लिए गए इस फैसले पर इंग्लैंड के खेमे और पूर्व क्रिकेटरों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बटलर ने मैच के बाद नियम के लागू होने पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब एक ऑलराउंडर को एक विशेषज्ञ गेंदबाज द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है, तो यह उचित नहीं है।” केविन पीटरसन, एलिस्टेयर कुक और माइकल वॉन सहित कई पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटरों ने भी इस निर्णय की आलोचना की है। कुक ने कहा, 'ऑलराउंडर को विशेषज्ञ गेंदबाज से बदलने का कोई मतलब नहीं है।'

वाॅन ने सवाल किया कि एक पूर्णकालिक गेंदबाज अंशकालिक गेंदबाज की जगह कैसे लिया जा सकता है, जिससे विवाद और बढ़ गया। दुबे ने अपने 34 टी20 मैचों में से 23 में गेंदबाजी की है, लेकिन उन्होंने अपने करियर में केवल दो बार अपने चार ओवरों का पूरा कोटा पूरा किया है, जिससे इस बात की जांच हो रही है कि क्या वह एक वास्तव में ऑलराउंडर के योग्य हैं।

इस घटना ने क्रिकेट में कन्कशन सब्सटीट्यूट नियम की निष्पक्षता और स्थिरता पर चर्चा को फिर से हवा दे दी है। इस नियम के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने के साथ ही भविष्य में इसी तरह के विवादों से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों की मांग तेज हो गई है।

उल्लेखनीय है कि हर्षित बतौर कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम के तौर पर इस मैच में शिवम दुबे की जगह टीम में शामिल किया गया था। शिवम को बल्लेबाजी के दौरान सिर में चोट लग गई थी। भारतीय पारी के अंतिम ओवर में जेमी ओवर्टन की पांचवीं गेंद शिवम के हेलमेट पर लगी वह चोट के बाद केवल एक गेंद खेल पाये। बाद में जब भारतीय टीम गेंदबाजी करने उतरी तो शिवम की जगह हर्षित को टीम में लिया गया।