
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर। (फोटो सोर्स: IANS)
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्या कोच गौतम गंभीर पिछले कई महीनों से अपने कड़े फैसलों और टेस्ट क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन को लेकर लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इसी बीच, 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के उनके पूर्व साथी और तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने गंभीर के समर्थन में मजबूती से आवाज उठाई है।
पटेल ने हेड कोच गौतम गंभीर का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर गंभीर को इस पद से हटाया गया तो खिलाड़ियों को काबू में रखना बहुत मुश्किल हो जाएगा। मुनाफ ने टाइम्स ऑफ इंडिया स्पोर्ट्स के बॉम्बे स्पोर्ट एक्सचेंज पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा, "याद रखो, अगर गौतम गंभीर जैसा हेड कोच हटाया गया तो खिलाड़ियों को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। वो एक सच्चे इंसान हैं, सच को सच कहते हैं और बहुत लोगों को यही बात पसंद नहीं आती।"
गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप जीता है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन को लेकर उनकी आलोचना भी हुई है और उनके पद पर सवाल उठते रहे हैं। 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे मुनाफ ने कहा कि टीम में अनुशासन बनाए रखने के लिए गंभीर का होना जरूरी है।
उन्होंने कहा, "आज गंभीर ही एकमात्र ऐसे हैं जो खिलाड़ियों को संभाल रहे हैं। उनके अलावा कोई और कोच यह नहीं कर पाएगा। क्योंकि उनसे डर है, और यह डर इसलिए है क्योंकि वो क्रिकेट से प्यार करते हैं, पैसे से नहीं। आपने उन्हें कभी पैसों के लिए लड़ते नहीं देखा होगा। उन्हें पैसों की जरूरत भी नहीं है और वो कभी ऐसे रहे भी नहीं।"
मुनाफ ने आगे कहा, "गंभीर एक सच्चे इंसान हैं। सच बोलते हैं। मुंह पर बात करते हैं इसलिए लोगों को अच्छा नहीं लगता। उनके मन में कोई छल नहीं है।" विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज एक दशक से ज्यादा वक्त से भारतीय क्रिकेट की धुरी रहे हैं। रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ के बाद गंभीर ने जुलाई 2024 में टीम की कमान संभाली, जब टीम एक बदलाव के दौर में थी। बॉर्डर-गावस्कर सीरीज हारने के बाद कोहली और रोहित दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
मुनाफ ने कहा कि गंभीर में बड़े से बड़े खिलाड़ी को बाहर बिठाने की हिम्मत है। उन्होंने कहा, "अगर गंभीर तीन साल बाद चले गए तो आप देखोगे कि सब बिखर जाएगा। क्योंकि वो काबू रख सकते हैं। उनके पास पूरा नियंत्रण का तंत्र है। और सबको पता है कि अगर कुछ गलत हुआ तो उनमें खिलाड़ी को बाहर करने की हिम्मत है।" मुनाफ ने यह भी कहा कि कोच का दोस्त बनना ठीक नहीं होता। कोच का डर होना चाहिए। वो दोस्त नहीं बन सकता। अगर बन गया तो सिस्टम बिगड़ जाता है।
Updated on:
15 Apr 2026, 5:23 PM IST
Published on:
15 Apr 2026, 5:19 PM IST
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