
नई दिल्ली । जैसे-जैसे लोगों की व्यस्तता बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे क्रिकेट भी अपने आकार को छोटा करता जा रहा है। जी हां, पांच दिनी टेस्ट मैच के साथ जिस क्रिकेट नामक खेल की पैदाइश हुई थी। अब वो महज तीन घंटे में सिमट चुकी है। लेकिन अब एक बार फिर इसके आकार को छोटा करने की कोशिश की जा रही है। मौजूदा क्रिकेट जगत में सबसे छोटा फार्मेट टी-20 है। इसमें एक पारी में 120 वैध गेंदें फेकी जाती है। आम तौर इस फार्मेट में तीन घंटें का समय लगता है। लेकिन अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 100 गेंदों के क्रिकेट मैच आयोजित कराने की पेशकश की है।इसके साथ ही बदलते नियमों के बीच इस खेल में अब एक और बदलाव होता दिख रहा है । ईसीबी अपने नए टूर्नामेंट में 11 की जगह 12 खिलाड़ियों की टीम बना सकती है।
कैसे खिलाड़ियों को होगा फायदा
क्रिकेट में कई बार ऐसा होता कोई बल्लेबाज बहुत अच्छी बल्लेबाजी करता है या किसी गेंदबाज की गेंदों में गजब का पैनापन होता है ।लेकिन जब बात फील्डिंग की आती है तो वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते । जैसे भारत के जसप्रीत बुमराह जब वो गेंदबाजी करते हैं तो बल्लेबाजों के पास उनकी गेंदों का कोई जवाब नहीं होता । लेकिन फील्डिंग के समय उनके हाथ में गेंद ठहरती ही नहीं है । ऐसे ही बल्लेबाजी में पकिस्तान के इंजमाम जिनकी खराब फील्डिंग और रन आउट का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब तक कायम है । ऐसे खराब फील्डर्स की जगह अब कप्तान के पास मौका होगा वो अपने बेस्ट फील्डर्स को फील्डिंग के लिए उतार पायेगा ।
सुपर सब पहले भी हुआ था इस्तेमाल
अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पहली बार 2005 में 'सुपर सब' देखने को मिला था । जिसके तहत कोई भी टीम किसी भी मैच के दौरान टीम में एक सब्सिटियूशन कर सकती थी। आईसीसी को उम्मीद थी कि यह प्रयोग हिट रहेगा लेकिन 10 महीने बाद ही कोच, खिलाड़ियों और कप्तानों से मिले खराब फीडबैक के बाद आईसीसी ने इसे 2006 में वापस ले लिया था ।
बदलाव के साथ होगा क्रिकेट
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फ्लॉप माने जाने वाले सुपर सब की तर्ज पर इसे लागू कर सकती है लेकिन थोड़े बदलाव के साथ। इस नए नियम के तहत हर टीम को 12 खिलाड़ी चुनने की आजादी होगी। लेकिन 12वां खिलाड़ी अपनी टीम के लिए सिर्फ बल्लेबाजी ही कर सकेगा उसे फील्डिंग या गेंदबाजी करने की आजादी नहीं होगी । इस नियम के तहत ऐसे खिलाड़ियों को फायदा होगा जो सिर्फ बल्लेबाजी में धमाल मचा सकते हैं। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता रहा है। ऐसे में कोई भी टीम बल्लेबाजी के दौरान एक अतिरिक्त बल्लेबाज को मैदान में उतार सकती है।
Published on:
26 Jul 2018 05:53 pm
