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निरंजन शाह ने सीओए पर लगाया आरोप

एनसीए प्रमुख निरंजन शाह ने सर्वाेच्च अदालत की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड पर ही कब्जा कर लेने का आरोप लगाया है।

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख निरंजन शाह ने सर्वाेच्च अदालत की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड का संचालन देखने की आड़ में उसके प्रशासन पर ही कब्जा कर लेने का आरोप लगाया है। जस्टिस आरएम लोढा की सिफारिशों को लागू किये जाने तक सर्वाेच्च अदालत ने पूर्व सीएजी विनोद राय की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का संचालन करने के लिये सीओए का गठन किया है। बोर्ड से जुड़े अहम फैसले सीओए के मार्गदर्शन में ही लिए जा रहे हैं। हालांकि एनसीए के प्रमुख शाह ने सीओए पर बीसीसीआई के संचालन के बहाने उसके प्रबंधन को ही पूरी तरह से नियंत्रित करने का आरोप लगाया है। दरअसल बेंगलूरु में गत सप्ताह एनसीए की हुई बैठक में कथित तौर पर एनसीए के ही शीर्ष अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। इस बैठक में ही तूफान घोष को बेंगलूरु स्थित एनसीए का नया संचालन अधिकारी चुना गया था जिन्हें नया एनसीए गठित करने का जिम्मा भी सौंपा गया है। इस बैठक की अध्यक्ष राय ने की थी। सीओए से नारा•ा शाह ने बीसीसीआई और सीओए को काफी सख्त पत्र लिखा है और उन्हें एनसीए अध्यक्ष होने के बावजूद इस बैठक में नहीं बुलाने पर नारा•ागी जताई है।

मुझे जानबूझ कर नहीं बैठक में नहीं बुलाया
शाह ने अपने पत्र में लिखा कि मैं एनसीए का अध्यक्ष हूं। ऐसा कोई कारण जिसकी मुझे जानकारी नहीं, मेरा मानना है कि बीसीसीआई ने जानबूझकर ही मुझे एनसीए की बैठक में अध्यक्षता के लिये आमंत्रित नहीं किया। मुझे अखबारों से एनसीए के नए सीओओ घोष की नियुक्ति की जानकारी मिल रही है। उन्होंने लिखा कि मेरे लिये यह बहुत ही हैरानी की बात है क्योंकि न तो मुझे एनसीए की किसी योजना के बारे में पहले से पता था ,न ही इस पद के बारे में। मेरी उपस्थिति में इस बारे में कभी भी बात नहीं की गयी। मुझे नहीं पता कि इस प्रकिया के बारे में मेरी अनुपस्थिति में कभी चर्चा की गयी होगी।Þ क्रिकेट के प्रभावी प्रशासकों में गिने जाने वाले शाह ने साथ ही अपने पत्र में कहा कि उन्हें यकीन है कि घोष एक अच्छे उम्मीदवार हैं जो इस पद के लिये उपयुक्त हैं, लेकिन उनसे इस नियुक्ति और घोष की प्रस्तावित जिम्मेदारियों के बारे में उनसे या समिति को कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे यह बात समझ नहीं आ रही है कि आखिर इस प्रक्रिया से एनसीए की उन उपसमितियों को भी अनजान क्यों रखा गया जिनकी मैं अध्यक्षता करता हूं।Þ एनसीए अध्यक्ष ने साथ ही सीओए पर भारतीय बोर्ड के प्रशासन को हड़प लेने का आरोप लगाते हुये कहा कि सर्वाेच्च अदालत ने सिर्फ लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिये सीओए का गठन किया था। उन्होंने लिखाÞ मैं सम्मानपूर्वक इस बात को याद कराना चाहता हूं कि प्रशासन और निगरानी में फर्क होता है। सीओए को बोर्ड के काम की देखरेख के लिये गठित किया गया था न कि उसके प्रशासन पर ही पूरा नियंत्रण कर लेने के लिये।Þ इससे पहले लोढा समिति की सिफारिशों के मद्देन•ार शाह को हितों के टकराव से बचने के लिये सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के सचिव पद से भी हटना पड़ा था।