Kapil Dev ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि वह अपने समकालीन तीनों दिग्गज हरफनमौलाओं के मुकाबले में बेहतर एथलीट थे।
नई दिल्ली : क्रिकेट में 1970-80 का दशक ऐसा था, जब विश्व क्रिकेट पटल पर एक साथ चार-चार हरफनमौलाओं की तूती बोल रही थी। अगर सर गैरी सोबर्स (Sir Gary Sobers) को छोड़ दिया जाए तो वह भी ऐसे, जैसे न तो उनसे पहले कोई था और न अब तक कोई हुआ। आश्चर्य की बात तो यह भी है कि ये चारों एक ही समय थे जरूर, लेकिन अलग-अलग देशों के। कपिल देव (Kapil Dev)भारत से तो पाकिस्तान के इमरान खान (Imran Khan) इंग्लैंड से सर इयान बॉथम (Sir Ian Botham) और न्यूजीलैंड के सर रिचर्ड हेडली (Sir Richard Hadlee)। इस चौकड़ी का पूरी दुनिया के क्रिकेट पर राज था और आज भी इनमें तुलना होती रहती है कि कौन सबसे बेहतर था।
आंकड़ों के लिहाज से कपिल सबसे बेहतर
अगर आंकड़े देखें जाएं तो कपिल देव के सबसे प्रभावशाली हैं, लेकिन यह सच है कि इन अपने देश के लिए अलग-अलग मुकाम हासिल किए और कई यादगार प्रदर्शन किए। 1983 विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि वह इन तीनों हरफनमौलाओं के मुकाबले बेहतर एथलीट थे। इमरान खान की एथलेटिक क्षमताओं के बारे में उन्होंने कहा कि यह तो नहीं कहेंगे कि वह बेस्ट थे या सबसे नेचुरल, लेकिन इतना तय है कि हम चारों में वह सबसे मेहनती खिलाड़ी थे।
इमरान खान को बताया मेहनती खिलाड़ी
कपिल देव ने इस पॉडकॉस्ट में यह भी माना कि वह भी बहुत अच्छे एथलीट नहीं थे, लेकिन बेशक इन तीनों से बेहतर थे। 61 साल के कपिल देव ने अपने साथ खेलने वाले बाकी तीन हरफनमौलाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने सर रिचर्ड हेडली को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताया और इमरान खान को सबसे मेहनती खिलाड़ी कहा। कपिल ने कहा कि हम चारों में रिचर्ड हेडली सबसे शानदार गेंदबाज थे। वह कंप्यूटर की तरह थे।