World Cup 2011 : Match Fixing के आरोप में श्रीलंका पुलिस ने की Aravinda De Silva से पूछताछ

श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री पुलिस ने की Aravinda De Silva से पूछताछ Mahindananda Aluthgamage के उस आरोप के मद्देनजर हुई है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका पर फाइनल मैच बेच देने का आरोप लगाया था।

By: Mazkoor

Updated: 01 Jul 2020, 05:27 PM IST

कोलंबो : श्रीलंका के पूर्व खेलमंत्री महिंदानंद अल्थगामागे (Mahindananda Aluthgamage) ने कुछ दिन पहले सनसनीखेज आरोप लगाया था कि श्रीलंका क्रिकेट टीम (Sri Lanka Cricket Team) ने 2011 विश्व कप फाइनल (World Cup Final 2011 ) मैच फिक्स था। 2011 विश्व कप के समय खेल मंत्री रहे अल्थगामगे ने कहा था कि हमने 2011 विश्व कप भारत के हाथों बेच दिया था। उन्होंने कहा कि यह बात उन्होंने तब भी कही थी, जब वह खेल मंत्री थे। उन्होंने इसके साथ ही भारत-श्रीलंका (IND vs SL) के बीच हुए 2011 विश्व कप के फाइनल मैच की जांच की मांग की थी। अब मामले में संज्ञान लेकर श्रीलंका पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और उसने 2011 विश्व कप के समय श्रीलंका के मुख्य चयनकर्ता रहे पूर्व कप्तान अरविंद डी सिल्वा (Aravinda De Silva) से करीब छह घंटे तक लंबी पूछताछ की है।

बीसीसीआई की जांच में भारत आने को तैयार

इस पूछताछ के बाद अरविंद डी सिल्वा ने कहा कि अगर इस मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) कोई जांच करता है तो वह इसके लिए भारत आने को तैयार हैं। बता दें कि अरविंद डी सिल्वा श्रीलंका के महानतम खिलाड़ियों में शुमार हैं। वह श्रीलंका की 1996 विश्व कप (World Cup 1996) विजयी टीम के उपकप्तान थे और फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे थे। वह अपने देश के लिए 93 टेस्ट और 308 वनडे खेल चुके हैं। बता दें कि श्रीलंका पुलिस अब बाएं हाथ के पूर्व सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा (Upul Tharanga) से पूछताछ करेगी। वह 2011 विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के अंतिम एकादश का हिस्सा थे।

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खेल मंत्रालय ने दिया है जांच का आदेश

पूर्व खेलमंत्री महिंदा अल्थगामगे के आरोप के बाद श्रीलंका खेल मंत्रालय ने 2011 विश्व कप फाइनल के फिक्स होने के मामले में जांच का आदेश दिया है और श्रीलंका पुलिस को हर दो हफ्ते पर अपडेट देने को कहा है। अल्थगामगे ने एक बयान में कहा था कि एक देश के तौर पर वह यह नहीं बताना चाहते थे। उन्हें ठीक से याद नहीं कि वह 2011 था या 2012, लेकिन हमें वह मैच जीतना था। हालांकि अल्थगामगे ने खिलाड़ियों पर आरोप नहीं लगाया था। उनका इशारा मैदान के बाहर के लोगों की तरफ था।

अर्जुन राणातुंगा ने भी की है जांच की मांग

अल्थगामगे से पहले 1996 विश्व कप विजेता श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान रहे अर्जुन राणातुंगा (Arjun Ranatunga) ने भी 2011 विश्व कप फाइनल मैच की मैच फिक्सिंग के पहलू से जांच की मांग की थी। बता दें कि पूर्व खेल मंत्री महिन्दानंद अल्थगामगे और उस वक्त श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे महेंदा राजपक्षे को फाइनल मैच के लिए मुंबई बुलाया भी गया था।

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इन खिलाड़ियों ने बेताया बेतुका

श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री के मैच फिक्सिंग (Match Fixing in Cricket) के आरोपों को श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने (Mahela Jaywardene) और कुमार संगकारा (Kumar Sangkkara) ने बेतुका बताया था और सबूत की मांग की थी। कुमार संगकारा ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि पूर्व खेल मंत्री को आईसीसी को सबूत उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि एंटी करप्शन यूनिट सही तरीके से जांच कर सके तो वहीं महेला जयवर्धने ने पूछा था कि क्या चुनाव आने वाले हैं? सर्कस शुरू हो रहा है? नाम और सबूत कहां हैं?

श्रीलंका को हरा भारत ने जीता था दूसरी बार विश्व कप

बता दें कि जिस मैच फिक्सिंग की बात हो रही है, वह 2011 एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप का फाइनल मैच था। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था। इस खिताबी मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से मात दी थी। श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की थी और महेला जयवर्धने की शानदार शतकीय पारी की बदौलत 276 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर भारत के सामने रखा था। इसे टीम इंडिया ने गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के 97 और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के नाबाद 91 रनों की बदौलत आसानी से हासिल कर लिया था। इस तरह भारत 1983 के बाद दूसरी बार एकदिवसीय विश्व चैम्पियन बना था। 1983 में पहली बार कपिल देव के नेतृत्व में भारत पहली बार विश्व चैम्पियन बना था।

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