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IND vs AUS: रविचंद्रन अश्विन को खेलना बहुत मुश्किल, उस्मान ख्वाजा ने मैच से पहले जमकर की तारीफ

Border Gavaskar Trophy: ख्वाजा ने कहा ,'अश्विन तोप है। वह काफी हुनरमंद है और उसके पास विविधता भी है जिसका वह बखूबी इस्तेमाल करता है। उसका सामना करना चुनौतीपूर्ण होगा। विकेट तीसरे चौथे दिन टर्न लेगी और वह अधिकांश ओवर डालेगा। मुझे देखना होगा कि उसके सामने रन कैसे बना सकूंगा।'

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India vs Australia Test Series: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज 9 फरवरी से शुरू होने जा रही है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मुक़ाबला नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (VCA) में खेला जाएगा। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के माध्यम से बहुत अहम है। अगर भारत यह सीरीज जीत जाता है तो वह डबल्यूटीसी के फ़ाइनल में प्रवेश कर जाएगा। इस मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने भारतीय फिरकी गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन की जमकर तारीफ की है।

टेस्ट क्रिकेट में अश्विन के 449 विकेटों में से 226 विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट कर आए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इन-फॉर्म बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अवार्डस में शेन वार्न मेन्स टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड जीता था। वह जानते हैं कि 9 फरवरी से नागपुर में अश्विन के खिलाफ उनका मुकाबला सबसे निर्णायक मैच में से एक होगा।

उन्होंने कहा, अश्विन एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। वह बहुत कुशल हैं, उनके पास बहुत सारी विविधताएं हैं। वह क्रीज का भी काफी अच्छा उपयोग करते हैं। यदि आप मुझसे वही सवाल पूछते जब मैं छोटा था, तो शायद मैं जवाब नहीं दे पाता। बहुत सी बातें ऐसी हैं, क्योंकि मैं वास्तव में यह नहीं सीख पाया कि ऑफ स्पिनरों का सामना कैसे करना है।

उन्होंने सोमवार को 'द सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' से कहा, "लेकिन यह वास्तव में उन अच्छी चुनौतियों में से एक है। यहां की पिचों से स्पिनरों को मदद मिलेगी। तो इन सब पर अच्छे से काम करने की जरूरत है। साथी ही मैं उनके खिलाफ कैसे खेलूंगा, इस पर भी विचार करने की जरूरत है।"

ख्वाजा ने 2022 में 78.46 की औसत से 1020 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल हैं। वह यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि भारतीय परिस्थितियों में अपनी पहली पारी में कैसा प्रदर्शन करते हैं। ख्वाजा 2013 और 2017 में भारत के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट टीम के सदस्य थे, लेकिन उन्हें मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था।

उन्होंने कहा, वह उस तरह के गेंदबाज नहीं हैं, जो बार-बार एक ही काम करेंगे, वह आपको बाहर निकालने की कोशिश करेंगे। इसलिए मैं इसके लिए उत्सुक हूं। चार टेस्ट मैच लंबा समय है, इसलिए उम्मीद है कि मैं बेहतर कर सकता हूं। ख्वाजा ने कहा कि भारतीय स्पिनरों का सामना करना ज्यादा मुश्किल होगा, जब वे टर्निग पिच पर नई गेंद से गेंदबाजी करेंगे। अगर यह एक अच्छा विकेट है, तो नई गेंद शायद बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो। लेकिन भारत में पिच की स्थिति अलग होती है और आपको नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले स्पिनर मिल जाते हैं, यह शायद कहीं भी बल्लेबाजी करने का सबसे कठिन समय होता है।