
मोहम्मद सिराज के पिता का निधन वक़्त से पहले हो गया था (Photo - BCCI)
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खान चंद सिंह का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह लंबे समय से लीवर कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके पिता को चौथे स्टेज का लीवर कैंसर था और पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। 21 फरवरी को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें ग्रेटर नोएडा स्थित निजी अस्पताल यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अलीगढ़ के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले खानचंद सिंह गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। परिवार में पांच भाई-बहन थे और आर्थिक हालात मजबूत नहीं थे। रिंकू समेत सभी भाई पिता का हाथ बंटाते थे, बाइक पर दो-दो सिलेंडर लादकर घर-घर और होटलों तक पहुंचाते थे।
क्रिकेट खेलने के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। मोहल्ले के दोस्तों के साथ मिलकर पैसे इकट्ठा कर गेंद खरीदी जाती थी। आज रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा नाम हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष और त्याग महत्वपूर्ण रहा।
भारतीय क्रिकेट में ऐसा ही एक और नाम है, जिसने कड़ी मेहनत कर अपने परिवार को गरीबी से निकाला। लेकिन वक़्त से पहले उनके पिता का भी निधन हो गया। यह कोई और नहीं बल्कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज के पिता मोहम्मद गौस ऑटो रिक्शा चलाते थे। सिराज ने कड़ी मेहनत से टीम इंडिया में जगह बनाई और परिवार की गरीबी दूर की। लेकिन 2020 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिराज को पिता खोने का दर्द सहना पड़ा। उनके पिता की निधन फेफड़ों की बीमारी की वजह से हुआ था। कोरोना प्रतिबंधों के कारण वे अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।
सिराज का परिवार किराए के मकान में रहता था, और आर्थिक तंगी के कारण सिराज को महंगे कोचिंग या अकादमी में ट्रेनिंग नहीं मिल सकी। उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की, गली-मोहल्ले में खेलते हुए स्किल्स विकसित कीं। सिराज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे कभी-कभी कैटरिंग जॉब भी करते थे, जहां रूमाली रोटी बनाते समय हाथ जल जाते थे, लेकिन क्रिकेट के लिए सब सहते रहे। उनके पिता उनके सबसे बड़े सपोर्टर थे, जो हमेशा उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित करते थे। सिराज अक्सर कहते हैं कि पिता ने ऑटो चलाकर जो मेहनत की, वो उनके सपनों को पूरा करने के लिए थी।
Updated on:
27 Feb 2026 09:38 am
Published on:
27 Feb 2026 09:38 am
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