
Mohammad Nabi- Rohit sharma controversy: भारत और अफगानिस्तान के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए आखिरी टी20 मुक़ाबले के दौरान एक विवाद देखने को मिला था। एक ओवर-थ्रो को लेकर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी के बीच कहा सुनी हो गई थी। अब इस मुद्दे पर भारतीय स्पिनर रविचन्द्र अश्विन ने अपनी राय रखी है और नबी का समर्थन किया है।
पहले सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने शॉट खेला। गेंद उनके बल्ले से लगकर विकेट कीपर संजू सैमसन के हाथ में चली गई। इस दौरान नबी ने एक रन चुराने की कोशिश की, तो सैमसन ने गेंदबाज एंड पर थ्रो फेंका। लेकिन गेंद नबी के पैर से लगकर लॉन्ग ऑन की ओर चली गई। जहां विराट कोहली खड़े हुए थे। विराट को लगा कि नबी अगला रन नहीं दौड़ेंगे और उन्होंने गेंद को नहीं उठाया। लेकिन नबी और गुरबाज इस दौरान तीन रन दौड़ गए और यह बात विराट कोहली और कप्तान रोहित शर्मा को पसंद नहीं आई। जिसके बाद रोहित दौड़ते हुए नबी के पास गए और उनपर भड़क गए। इस दौरान रोहित ने अंपायर से भी कुछ कहा।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा, जो स्पष्ट रूप से परेशान दिख रहे थे, नबी से भिड़ गए और तर्क दिया कि अतिरिक्त रन खेल के सार के खिलाफ हैं। हालाँकि, ऑन-फील्ड अंपायरों ने रनों को वैध माना, जिससे खेल भावना पर राय का तूफान खड़ा हो गया।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा और भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने नबी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी खिलाड़ी उच्च जोखिम वाले परिदृश्य में मौके का फायदा उठा सकता था। हालाँकि, भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने 'क्रिकेट की भावना' की बात को खारिज करते हुए एक अलग रुख अपनाया।
अश्विन ने बल्लेबाज के रन लेने के अधिकार पर जोर दिया जब कोई क्षेत्ररक्षक उन्हें रन आउट करने का प्रयास करता है और गेंद उनके शरीर से टकराकर दूर चली जाती है। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “जब कोई फील्डर मुझे रन आउट करने के लिए थ्रो करता है और गेंद मेरे शरीर से टकराती है, तो मुझे दौड़ने का अधिकार है। क्रिकेट की भावना, एक बार फिर, क्षमा करें।'
भारतीय खेमे में निराशा को स्वीकार करते हुए अश्विन ने कहा कि जब कोई टीम मैदान पर प्रभावित महसूस करती है तो चिड़चिड़ाहट स्वाभाविक रूप से पैदा होती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों की व्यक्तिपरक प्रकृति पर प्रकाश डाला।
अश्विन ने कहा, 'विराट कोहली ने गेंद को अपने पैर से रोका और सोचा कि क्या हो रहा है। इस कहानी के दो पहलू हैं. यदि हम मैदान पर प्रभावित पक्ष हैं, तो जो कुछ भी होगा उससे हम चिढ़ जाएंगे। अश्विन ने कहा, 'अगर हम मैदान पर होते तो शायद ऐसा नहीं करते' - यह हमारी निजी राय और दृष्टिकोण है।'
अश्विन ने रिंकू सिंह की भी प्रशंसा की और दबाव में युवा खिलाड़ी के धैर्य को स्वीकार किया। ऑफ स्पिनर ने कहा, "वह ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें मैं बाएं हाथ का धोनी कहूंगा। मैं अभी उनकी तुलना धोनी से नहीं कर सकता क्योंकि धोनी बहुत बड़े हैं। लेकिन, मैं उस संयम के बारे में बात कर रहा हूं जो वह लाते हैं।"
कोलकाता नाइट राइडर्स की बेंच से राष्ट्रीय टीम तक के रिंकू के सफर की कहानी समर्पण और दृढ़ता से भरी है। अश्विन ने केकेआर के साथ रिंकू के समय के बारे में एक किस्सा साझा किया, जिसमें बताया गया कि कैसे युवा बल्लेबाज ने अभ्यास के दौरान गेंदों को इकट्ठा किया, जिससे उनकी प्रतिबद्धता और सुधार की भूख का प्रदर्शन हुआ।
अश्विन ने कहा, "तब से, वह इतने लंबे समय तक फ्रेंचाइजी के साथ रहे, उन्होंने यूपी के लिए कड़ी मेहनत की और दिखाया कि वह भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने या पारी खत्म करने के लिए हमेशा उपलब्ध हैं। चाहे कोई भी हो, संयम नहीं बदलता है।" टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है या लक्ष्य का पीछा कर रही है। पारी के अंत में उनका धैर्य एक बोनस है। ''
2023 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीज़न में अपने शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, रिंकू को टी20 टीम में शामिल किया गया था। फिनिशर की भूमिका में उनका तत्काल प्रभाव किसी शानदार से कम नहीं था। 39 गेंदों पर नाबाद 69* रन बनाकर उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा के साथ पांचवें विकेट के लिए 190 रनों की उल्लेखनीय साझेदारी की। बाएं हाथ के बल्लेबाज का लचीलापन और दबाव की स्थिति से निपटने की क्षमता उनकी पारी की निर्णायक विशेषता थी।
अगस्त 2023 में आयरलैंड के खिलाफ शुरू हुई रिंकू सिंह की टी20 यात्रा उल्लेखनीय से कम नहीं रही है। 11 टी20 में 89 की औसत और 176.23 की स्ट्राइक रेट से 356 रन के साथ, उन्होंने न केवल राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की की है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आशा की किरण भी बन गए हैं।
Updated on:
20 Jan 2024 02:23 pm
Published on:
20 Jan 2024 02:16 pm
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