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बचे हुए सभी मैच जीतकर भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाएगी LSG! 27 करोड़ी ऋषभ पंत की कप्तानी पर उठे सवाल

Rishabh Pant Form in IPL 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए IPL 2026 किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। लगातार 6 हार के बाद अब टीम का भविष्य दांव पर है। जानिए ऋषभ पंत की कप्तानी और बल्लेबाजी में कहां हो रही है चूक।

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भारत

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Anshika Verma

May 05, 2026

LSG vs KKR Match Highlights

लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्‍तान ऋषभ पंत। (फोटो सोर्स: IANS)

LSG Playoffs Scenario For IPl 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन अब तक एक डिजास्टर साबित हुआ है। लगातार 6 हार झेलने के बाद यह टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें पायदान पर जमी हुई है। 9 मैचों में सिर्फ 2 जीत के साथ अब उनके प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें न के बराबर हैं। आखिरी बार लखनऊ ने अप्रैल की शुरुआत में सनराइजर्स और केकेआर को हराया था, लेकिन उसके बाद से जैसे टीम की किस्मत को किसी की नजर लग गई है।

करोड़ों का खिलाड़ी लेकिन मैदान पर फ्लॉप!

लखनऊ की इस बर्बादी के केंद्र में कप्तान ऋषभ पंत खड़े हैं। इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी होने के बावजूद, पंत का बल्ला पूरी तरह खामोश है। उन्होंने 9 पारियों में मात्र 25.50 की औसत और 128.30 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 204 रन बनाए हैं। उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे हैं, खासकर बार-बार ओपनिंग जोड़ी और बैटिंग ऑर्डर को बदलने के फैसले ने टीम की स्थिरता बिगाड़ दी है। हार के बाद पंत ने खुद कहा कि 'हमें थोड़े लक (किस्मत) की जरूरत है', जो साफ दिखाता है कि टीम में आत्मविश्वास की भारी कमी है। हालांकि, कोच जस्टिन लैंगर ने अपने कप्तान का बचाव करते हुए कहा कि एक प्रैक्टिस मैच में पंत ने 30-40 गेंदों में 95 रन ठोक दिए थे, लेकिन मैच के दौरान वह जादू अब तक गायब है।

180 का आंकड़ा छूना भी हुआ मुश्किल

अगर लखनऊ की कमजोर कड़ी देखी जाए तो वो उनकी बल्लेबाज़ी है। पूरे सीजन में टीम सिर्फ 3 बार 180 का आंकड़ा पार कर सकी है और 3 बार पूरी टीम ऑलआउट हुई है। निकोलस पूरन जैसा विस्फोटक बल्लेबाज पूरी तरह आउट-ऑफ-फॉर्म है (सिर्फ मुंबई के खिलाफ 63 रन को छोड़कर)। मिचेल मार्श (256 रन) और एडन मार्क्रम (224 रन) टीम के लिए टॉप स्कोरर तो हैं, लेकिन वे भी ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-20 से बाहर हैं। पंजाब के खिलाफ सुपर ओवर में सिर्फ 1 रन बनाना टीम के दबाव झेलने की कमजोरी को साफ दर्शाता है।

गेंदबाजी से कुछ उम्मीदें, पर अंत में ढेर

गेंदबाजी कागजों पर तो मजबूत दिखती है, लेकिन अहम मौकों पर वह भी लड़खड़ा गई। युवा पेसर प्रिंस यादव इस सीजन की सबसे बड़ी खोज रहे हैं, जिन्होंने 9 मैचों में 13 विकेट लिए हैं। मोहसिन खान ने भी 5 मैचों में 10 विकेट चटकाए हैं। लेकिन डेथ ओवरों में टीम रन रोकने में नाकाम रही है। पंजाब के खिलाफ 254 रन लुटा देना और मुंबई के खिलाफ 228 रन डिफेंड न कर पाना टीम की बड़ी कमजोरी बनकर उभरा है।

क्या अब भी बची है कोई आस?

मैथमैटिकली लखनऊ अभी भी बाहर नहीं है, लेकिन हकीकत में उनकी राह नामुमकिन जैसी है। अगर LSG अपने सभी 5 मैच जीत भी ले, तो वह अधिकतम 14 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। हालांकि इतिहास में टीमें इतने कम अंकों पर क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन लगातार 6 हार और खराब फॉर्म के बाद यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। अब यहां से एक भी गलती (एक हार) लखनऊ के सफर पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लगा देगी।