24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जो कभी गांगुली और धोनी नहीं कर पाए वो कर दिखाया रोहित ने, देखे रिकॉर्ड

इस मैच को जीतते ही भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने एक ऐसा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है जो कभी सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी नहीं कर पाए। रोहित 50 ओवर एशिया कप टूर्नामेंट में बिना कोई मैच हारे टूर्नामेंट जीतने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Siddharth Rai

•

Updated: 29 Sep 2018, 11:03 AM IST

नई दिल्ली। मौजूदा विजेता भारत ने शुक्रवार देर रात दुबई अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए एशिया कप-2018 के फाइनल में बांग्लादेश को आखिरी गेंद तक खिंचे रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से मात देकर सातवीं बार खिताब पर कब्जा जमाया। इस मैच को जीतते ही भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने एक ऐसा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है जो कभी सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी नहीं कर पाए। रोहित 50 ओवर एशिया कप टूर्नामेंट में बिना कोई मैच हारे टूर्नामेंट जीतने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।

रोहित ने बनाया ये कीर्तिमान -
जी हां! भारत ने इस टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हरा है। ये पहली बार है जब किसी भारतीय कप्तान ने 50 ओवर फॉर्मेट में एशिया कप टूर्नामेंट बिना कोई मैच हारे जीत लिया हो। इस से पहले साल 2016 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 20-20 एशिया कप टूर्नामेंट बिना कोई मैच हारे जीता था। इस टूर्नामेंट में रोहित ने कप्तानी के साथ साथ रन भी बनाए और टीम को ख़िताब जिताया। शुक्रवार को खेले गए इस मैच में बांग्लादेश की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत के बाद भी 48.5 ओवरों में 222 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने इस लक्ष्य को सात विकेट खोने के बाद आखिरी गेंद पर हासिल कर खिताब अपने नाम किया।

दस की फाइनल में शानदार पारी -
भारत ने इससे पहले 1984, 1988, 1990-91, 1995, 2010 और 2016 में एशिया कप का खिताब जीता था। वहीं बांग्लादेश तीसरी बार भी फाइनल में पहुंच कर खिताब से महरूम रह गया। 2016 में खेले गए पिछले संस्करण में भी भारत ने बांग्लादेश को ही मात देकर ट्रॉफी उठाई थी। लिटन दास अगर 121 रनों की पारी नहीं खेलते तो बांग्लादेश का 200 पार जाना भी मुश्किल था। यह दास का पहला शतक था और इसी के दम पर बांग्लादेश बचाव करने लायक स्कोर तक पहुंच सकी। उन्हें इसी पारी के कारण मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला।