
Sachin Tendulkar
भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ और 'क्रिकेट के भगवान' कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से दुनियाभर के क्रिकेट फैंस वाकिफ हैं। क्रिकेट के मैदान पर अपने बल्ले से गेंदबाज़ों के पसीने छुड़ाने वाले 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन के नाम कई बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं। उन्होंने कई अहम मैचों में भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहाँ तक कि 2011 वर्ल्ड कप (World Cup) में भारतीय टीम की जीत में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पर क्या आपको पता है कि यह महान बल्लेबाज़ 2007 में ही क्रिकेट से सन्यास लेने की सोच रहा था? खुद सचिन ने इस बारे में बताया है।
क्यों लेना चाहते थे सन्यास?
सचिन ने शनिवार, 12 नवंबर को एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहाँ बात करते हुए सचिन ने बताया कि 2007 के वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की हार के बाद वह बेहद ही निराश थे। इस वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में ही हारकर भारतीय टीम बाहर हो गई थी। साथ ही सचिन ने भी इस टूर्नामेंट में अपने बल्ले से कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था। इसी वजह से वह क्रिकेट से सन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे।
कैसे बदला सचिन का फैसला?
सचिन जब क्रिकेट से सन्यास लेने का मन बना चुके थे, तभी एंटीगुआ से वेस्ट इंडीज़ के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी विव रिचर्ड्स (Viv Richards) ने सचिन को कॉल किया। विव ने सचिन को सन्यास न लेने के लिए कहा और अपना खेल जारी रखने की सलाह दी। विव ने सचिन से कहा कि उनमें काफी क्रिकेट बचा है। विव हमेशा से ही सचिन के पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक रहे है और उनके क्रिकेट जगत में 2 आदर्शों में से एक भी (उनके दूसरे आदर्श सुनील गावस्कर रहे है)। ऐसे में विव के कहने पर सचिन ने क्रिकेट से सन्यास लेने का फैसला बदल लिया और खेलना जारी रखा। इसके बाद 2011 में सचिन का वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा हो गया। इस टूर्नामेंट में सचिन का बल्ला भी खूब चला था।
सचिन ने 2013 में अपने होम ग्राउंड पर इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास लिया था।
Published on:
12 Nov 2022 03:44 pm
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