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‘BJP नहीं की जॉइन, इसलिए सौरव गांगुली की BCCI से हुई छुट्टी’, वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी का दावा

गांगुली ने हाल ही में बीसीसीआई प्रेसीडेंट के तौर पर 3 साल पूरे किए थे और अब अचानक से उन्हें हटा दिया गया है। कई राजनेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कई बार गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश की। लेकिन दादा ने बीजेपी में जाने से माना कर दिया

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने प्रेसिडेंट चुनाव को लेकर एक बार फिर विवादों में है। मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उन्हें विस्तार नहीं मिला है। इसे लेकर तमाम तरह के कयास लग रहे हैं और कोई भी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। कई राजनेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कई बार गांगुली को पार्टी में शामिल करने की कोशिश की। लेकिन दादा ने बीजेपी में जाने से माना कर दिया

'इंडिया टुडे' से बात करते हुए मशहूर पत्रकार प्रदीप मैगजीन ने भी यही बात कही है। मैगजीन ने कहा, 'लोढ़ा कमेटी ने बीसीसीआई के संविधान में बदलाव किए जिसके बाद सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बने। अगर ऐसा नहीं होता तो दादा कभी अध्यक्ष नहीं बनते अमित शाह आज बीसीसीआई अध्यक्ष होते। संविधान बदले जाने के बाद उन्हें अपने रिलेटिव, बच्चा या भाई को इन पोस्ट पर लाना पड़ा। इसीलिए जय शाह और अरुण धूमल को बीसीसीआई में लाया गया।'

मशहूर पत्रकारने आगे कहा , 'दादा अध्यक्ष बनने के लिए अमित शाह से मिले थे। जिसके बाद सब को लगा था कि भाजपा दादा का बंगाल चुनाव में उपयोग करेगी। लेकिन दादा ने भाजपा जॉइन नहीं की। उसके बाद से उनपर काफी दवाब था। क्योंकि भाजपा बंगाल में चेहरे की तलाश में था और दादा से अच्छा ऑप्शन उनके पास नहीं था।'

मैगजीन ने कहा कि दादा के स्ट्रांग पर्सनालिटी हैं। वे खुद अपने निर्णय लेते हैं। वहीं जय शाह बीसीसीआई का चेहरा बनते जा रहे थे। वही सारे निर्णय ले रहे थे। ऐसे में दादा को यह अच्छा नहीं लगा और यह सब हुआ।' इसपर 1983 वर्ल्ड कप की विजेता टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने कहा, 'मैं खुश हूं कि 1983 टीम का कोई सदस्य बीसीसीआई का अध्यक्ष बन रहा है। लेकिन जो दादा के साथ हो रहा है वह गलत है। जो भी प्रदीप मैगजीन कह रहे हैं वह सब सही है। आगरा जय शाह को रीटेन किया जा सकता है। अगर अरुण धूमल को रखा जा सकता है। तो दादा जैसा इंसान जिसके क्रिकेट के लिए इतना कुछ किया है उसे क्यों नहीं।

बता दें रोजर बिन्नी के नए बीसीसीआई प्रेसीडेंट बनने के साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग में भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब तक बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष पद पर काम करने वाले अरुण धूमल नए आईपीएल चेयरमैन बनेंगे। अब तक बृजेश पटेल आईपीएल चेयरमैन के पद पर काम कर रहे थे।

बीसीसीआई के नए पदाधिकारियों की संभावित लिस्ट
अध्यक्ष: रोजर बिन्नी (कर्नाटक)
सचिव: जय शाह (गुजरात)
उपाध्यक्ष: राजीव शुक्ला (यूपी)
कोषाध्यक्ष: आशीष शेलार (महाराष्ट्र)
संयुक्त सचिव: देवजीत सैकिया (असम)
आईपीएल चेयरमैन: अरुण धूमल (हिमाचल प्रदेश)

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