
नई दिल्ली। दुनियाभर में ''द वॉल'' के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ का आज 45वां जन्मदिन है। राहुल द्रविड़ दुनिया के उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में शुमार हैं जिन्हें महान क्रिकेटर के रूप में जाना जाता है। कठिन परिस्थितियों से टीम को बाहर निकालना द्रविड़ की सबसे बड़ी खासियतों में से एक थी। यही कारण हैं कि एक वनडे और टेस्ट खिलाड़ी को आज के समय में टी-20 फॉर्मेट में टीम का मेंटॉर बनाया गया। दीवार के नाम से प्रसिद्ध राहुल द्रविड़ टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक थे। जिनपर कोई भी आंख बंद कर भरोसा कर सकता था।
दुनिया के सबसे खूंखार गेंदबाज़ों को खून के आंसू रुलाने वाले द्रविड़ क्रीज़ पर आते थे तो आधे गेंदबाज़ तो यूं ही हार मान लेते थे। को भारतीय क्रिकेट टीम का सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी माना जाता था। द्रविड़ एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में विख्यात रहे जो विकेट पर लंगर डालकर लंबी पारियां खेलता था। उन्हें आउट करने में विपक्षी गेंदबाजों को पसीना आ जाता था।
राहुल द्रविड़ आज ही के दिन 1973 को मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे थे। आज हम यहां राहुल द्रविड़ के कुछ निजी व्यवहार के बारे में आपको अहम जानकारी देंगे। वैसे को आपने द्रविड़ को बहुत कम ही देखा होगा कि वे मैदान पर गुस्सा करते हों, लेकिन आज हम आपको राहुल के एक ऐसे वाक्ये के बारे में बताएंगे जब वे एक मौके पर आग बबूला हुए थे।
आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी भी हार को बर्दाश्त न करने वाले द्रविड़ ने साल 2006 में मुंबई में खेले गए मैच में इंग्लैंड से हार भी बर्दाश्त नहीं कर पाए थे। हार से गुस्साए द्रविड़ ने ड्रेसिंग रूम में रखी एक कुर्सी को उठाकर बहुत ज़ोर से पटक दिया था। बता दें कि उस हार की वजह से भारत के हाथ से सीरीज़ जीतने का सुनहरा मौका निकल गया था।
Published on:
11 Jan 2018 06:03 pm
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