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‘बातें करना आसान है’ ऋषभ पंत के बहुत ज्‍यादा कोच पर चिंता जताने को लेकर सुनील गावस्कर का LSG पर तीखा हमला

Sunil Gavaskar on LSG: सुनील गावस्कर ने आईपीएल टीमों के अपने बैकरूम स्टाफ में ज्‍यादा कोच रखने के बढ़ते ट्रेंड पर चिंता जताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगले सीजन से पहले यह देखना दिलचस्‍प होगा कि क्या फ्रैंचाइजी में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा?'

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भारत

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lokesh verma

Jun 01, 2026

Sunil Gavaskar on LSG

भारतीय पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर। (फाइल फोटो सोर्स: IANS)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) 31 मई को खत्‍म हुआ, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत ने पहले ही तय कर लिया कि अब बहुत हो गया। गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच आईपीएल के फाइनल से पहले पंत ने एलएसजी के कप्तान का पद छोड़ने का फैसला किया, क्योंकि फ्रेंचाइजी 14 मैचों में सिर्फ चार जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रही। एक ऑफिशियल बयान में एलएसजी ने कहा कि पंत ने खुद पद छोड़ने की पेशकश की थी, जिसे फ्रेंचाइजी ने मान लिया।

'पंत और कोचिंग स्टाफ के बीच अनबन भी सामने आई'

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने अब पंत के एलएसजी में सिर्फ दो साल में अपना पद छोड़ने पर तीखा रिएक्शन दिया है। पंत आईपीएल 2025 सीजन से पहले रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये की कीमत पर लखनऊ फ्रैंचाइजी में शामिल हुए थे। लेकिन, पिछले दो सीजन एलएसजी पॉइंट्स टेबल में नीचे रही। इसके अलावा, पंत बल्ले से भी कुछ खास नहीं कर पाए।

आईपीएल 2026 सीजन में पंत और लखनऊ के कोचिंग स्टाफ के बीच अनबन की खबरें भी सामने आईं। पंत ने सेटअप में बहुत ज्‍यादा कोच होने और उनके फैसले पर असर डालने वाली बातों की ओर भी इशारा किया था। यह ध्यान देने वाली बात है कि आईपीएल 2026 के लिए लखनऊ के सपोर्ट स्टाफ में जस्टिन लैंगर, टॉम मूडी, भरत अरुण, लांस क्लूजनर और केन विलियमसन थे।

'क्या फ्रैंचाइजी में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा?'

सुनील गावस्कर ने स्पोर्टस्टार के लिए अपने कॉलम में लिखा कि ऋषभ पंत का अपनी टीम के कप्तान के तौर पर हटना, अगले सीजन के लिए कप्तानी में पहला बदलाव है, क्योंकि अगले साल नया सीजन शुरू होने से पहले और भी कई बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने एक से ज्‍यादा बार कहा कि उनके कानों में बहुत सारी आवाजें और बहुत सारे सोचने के तरीके थे, जो निश्चित रूप से सपोर्ट स्टाफ के लिए तारीफ नहीं है। क्या इससे फ्रैंचाइजी में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

उन्होंने आगे कहा कि बातें करना आसान है और यह सस्ता भी है। कुछ कोचों की तरह बड़े दावे करने से अच्छी हेडलाइन बन सकती हैं, लेकिन क्रिकेट में पीठ पीछे काटने का एक अजीब तरीका है।

फ्लावर का उदाहरण

गावस्कर ने आगे लिखा कि आरसीबी के कोच एंडी फ्लावर, जिसने अब लगातार दो टाइटल जीते हैं, ऐसे इंसान का एक अच्छा उदाहरण हैं, जो चुपचाप काम करते हैं, कोई बड़ा बयान नहीं देते, जो हेडलाइन बने। उनके सपोर्ट स्टाफ में कोई गोल्फिंग और बीयर पीने वाले दोस्त भी नहीं हैं। शायद इसमें कोई सबक है। अगर उन्हें अपॉइंट करने वाले यह देख पाते, तो उनकी टीमें टूर्नामेंट का पहला महीना खत्म होने से पहले ही मुकाबले से बाहर नहीं होतीं।