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IND vs ZIM: Vaibhav Suryavanshi ने जिम्बाब्वे में मचाया धमाल, लेकिन कोच VVS Laxman ने बताई उनकी एक बड़ी कमजोरी

IND vs ZIM, VVS Laxman on Vaibhav Sooryavanshi Fitness: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारत ने जिम्बाब्वे को टी20 सीरीज में 3-0 से हराया। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। जानिए कोच VVS लक्ष्मण ने उनकी शानदार बैटिंग और फिटनेस पर क्या बड़ा बयान दिया है।
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भारत

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Anshika Verma

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Updated: 27 Jul 2026, 9:26 AM IST

Vaibhav Sooryavanshi, VVS Laxman, India vs Zimbabwe T20

वैभव सूर्यवंशी (Photo - BCCI)

IND vs ZIM, VVS Laxman On Vaibhav Suryavanshi Fitness: भारत ने जिम्बाब्वे को 3 मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से बुरी तरह हरा दिया है। हरारे के मैदान पर खेले गए तीसरे मैच में भारत ने 192/5 का स्कोर बनाया और जिम्बाब्वे को 35 रनों से मात दी। इस जीत के हीरो रहे 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने 49 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेली (जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे)।

पूरी सीरीज में 151 रन बनाने वाले वैभव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों अवॉर्ड मिले। इस दमदार प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के कोच VVS लक्ष्मण ने वैभव की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही एक ऐसी बात भी बताई जिस पर इस युवा खिलाड़ी को अभी बहुत काम करना है।

ढाई साल पहले ही पहचान लिया था टैलेंट

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए VVS लक्ष्मण ने बताया कि BCCI ने ढाई साल पहले ही वैभव का टैलेंट पहचान लिया था। 2024 के अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले विजयवाड़ा में हुए टूर्नामेंट में वह भारत B के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में से एक थे।

लक्ष्मण ने कहा, 'हम उसे बहुत अच्छी तरह जानते हैं। वह NCA के कैंप का हिस्सा रहा है। हम सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं, बल्कि उसे एक इंसान के तौर पर भी समझते हैं। हमें पता है कि उसके लिए क्या सही है और उसे मैच के लिए मानसिक रूप से कैसे तैयार करना है।'

फिटनेस पर करना होगा काम

लक्ष्मण ने वैभव की मैच्योरिटी (समझदारी) की बहुत तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में वैभव की खेल को समझने की क्षमता काफी बढ़ी है, जिससे वह दबाव वाले हालातों में भी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा खेल रहे हैं।

कोच ने बताई कमजोरी

लक्ष्मण ने साफ कहा कि वैभव को अपनी 'ओवरऑल फिटनेस' पर और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। हालांकि, वह अभी सिर्फ 15 साल के हैं। लक्ष्मण ने उनकी तारीफ करते हुए बताया कि तीसरे मैच में चोटिल होने के बावजूद वह मैदान पर डटे रहना चाहते थे। वह टीम के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, लेकिन फिजियो के कहने पर ही उन्हें बाहर आना पड़ा।

धीमी पिच पर फेल किया जिम्बाब्वे का प्लान

हरारे की पिच काफी धीमी थी और गेंद रुक कर आ रही थी। फिर भी वैभव ने बहुत समझदारी से बल्लेबाजी की। उन्होंने अपनी फिफ्टी 31 गेंदों में पूरी की और अपनी पारी का अंत 165.30 के स्ट्राइक रेट से किया। लक्ष्मण ने बताया कि जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने वैभव को रोकने के लिए खास प्लान बनाया था, लेकिन वैभव ने अपनी समझदारी से उनके हर प्लान को फेल कर दिया। सीरीज के पहले मैच में 19 गेंदों में फिफ्टी जड़ने वाले वैभव ने तीसरे मैच में यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ तेज खेलना ही नहीं, बल्कि हालात के हिसाब से टिककर खेलना भी अच्छी तरह जानते हैं।