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चैम्पियंस ट्रॉफी का स्क्वाड घोषित होने से पहले इस तेज गेंदबाज ने लिया संन्यास, इंजरी के चलते बर्बाद हुआ करियर

वरुण आरोन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। वरुण ने साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में अपना डेब्यू किया था।

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चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 से पहले भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन ने क्रिकेट से सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। हालांकि आरोन भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे और पिछले 9 सालों से वापसी के लिए संघर्ष कर रहे थे। आरोन ने संन्यास की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। चोट के कारण इस तेज गेंदबाज का करियर काफी उथल पुथल वाला रहा।

वरुण ने भारत के लिए 18 मुक़ाबले खेले

वरुण ने साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। उसी साल उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ वनडे डेब्यू भी किया था। वरुण ने भारत के लिए 9 टेस्ट मैचों की 14 पारियों में 52.61 की औसत से 18 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/97 का था। वहीं वनडे में भी वरुण ने 9 मुक़ाबले खेले हैं। यहां उन्होंने 38.09 की औसत से 11 विकेट चटकाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/24 का रहा था।

आईपीएल में ऐसा रहा वरुण का प्रदर्शन

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में वे छह टीमों का हिस्सा रहे। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), दिल्ली कैपिटल्स (DC), पंजाब किंग्स (PBKS), राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटन्स (GT) का हिस्सा रहे। आईपीएल में वरुण ने 52 मैचों की 50 पारियों में 33.66 की औसत से 44 विकेट लिए हैं।

153 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी थी गेंद

वरुण साल 2010-11 में खेली गई विजय हजारे ट्रॉफी में पहली बार सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने 153 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर सनसनी मचा दी थी। वरुण की गिनती एक समय पर भारतीय टीम के सबसे तेज गेंदबाजों में की जाती थी। हालांकि, लगातार इंजरी की वजह से उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका।