वसीम जाफर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास, कोचिंग में बना सकते हैं करियर

Wasim Jaffer की गिनती भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाजों में होती है। उनके नाम कई रणजी खिताब हैं।

By: Mazkoor

Updated: 07 Mar 2020, 01:07 PM IST

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व सलामी बल्लेबाज और घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी के सभी रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले दिग्गज सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (Wasim Jaffer) क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उनके पिता चाहते थे कि उनका एक बेटा देश की तरफ से क्रिकेट खेले। उन्हें इस बात पर फख्र है कि उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा किया। जाफर ने यह घोषणा अपनी रणजी टीम विदर्भ के सेमीफाइनल में हार जाने के बाद की।

विदर्भ की टीम में मेंटर की भूमिका में थे

वसीम जाफर ने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन के शुरुआती दौर में ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि वह इस सीजन के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगे और कोचिंग में अपना करियर बना सकते हैं। जाफर ने कहा था उन्हें क्रिकेट से जुड़ा रहना पसंद है। इसलिए संन्यास के बाद वह बड़े पैमाने पर कोचिंग के बारे में सोच रहे हैं। अगर वह कोचिंग में रहे तो यह काम उन्हें पसंद आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह विदर्भ की टीम में मेंटर जैसी ही भूमिका में हैं। वह कोच की भी मदद करने की कोशिश करते थे। उनकी कोशिश कोच और खिलाड़ियों और कोच के बीच सेतु बनने की रहती थी।

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आईपीएल में नजर आएंगे कोच की भूमिका में

विदर्भ और मुंबई की टीम की तरफ से कई रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम रखने वाले वसीम जाफर को इस बार आईपीएल में कोचिंग करते नजर आएंगे। किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें बतौर बल्लेबाजी सलाहकार अपनी टीम से जोड़ा है। जाफर ने बताया था कि आईपीएल-2020 के लिए उनका करार रणजी सीजन के बीच में हुआ था।

बांग्लादेश अंडर-19 टीम को विश्व विजेता बनाने में जाफर की थी अहम भूमिका

बांग्लादेश की अंडर-19 टीम ने भारत को विश्व कप के फाइनल मैच में हराकर पहली बार अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर हाल ही में कब्जा जमाया है। यह किसी भी स्तर पर बांग्लादेश का पहला विश्व कप है। इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे बांग्लादेश टीम का कोई एक खिलाड़ी नहीं रहा। कई खिलाड़ियों ने मौके की नजाकत के हिसाब से खेलकर पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपनी टीम को अपराजेय रखा। बता दें कि बांग्लादेश टीम की जीत में दिग्गज भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर की कोचिंग का भी अहम योगदान था। वसीम जाफर को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पिछले साल अपनी हाई परफॉर्मेंस एकेडमी का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया था। इनका काम युवा प्रतिभाओं की बल्लेबाजी को संवारना था। इसी दौरान उन्होंने बांग्लादेश अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान अकबर अली और शहादत हुसैन समेत सभी बल्लेबाजों को को ट्रेनिंग दी थी।

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जाफर की देखरेख में ली ट्रेनिंग

बांग्लादेश की अंडर-19 टीम के लगभग सभी खिलाड़ियों सदस्यों ने वसीम जाफर की देखरेख में ट्रेनिंग ली है। इसकी जानकारी बांग्लादेश के विश्व विजयी बनने के बाद खुद जाफर ने दी थी। जाफर ने कहा कि उन्होंने इनमें से अधिकतर लड़कों को काफी करीब से देखा है। यह काफी प्रतिभाशाली हैं। बांग्लादेश के साथ करार पिछले सीजन के बाद हुआ था। बता दें कि बांग्लादेश के साथ भी जाफर का करार खाली समय में हुआ था। उनका बांग्लादेश बोर्ड के साथ करार तब का था, जब वह रणजी में नहीं खेल रहे थे।

 

टीम इंडिया के लिए खेल चुके हैं जाफर

वसीफ जाफर टीम इंडिया की तरफ से 31 टेस्ट और दो वनडे मैच खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने दो दोहरे शतक की मदद से 1954 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 212 रन है और औसत 34.10 का है। उनकी गिनती भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में की जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण लंबे समय तक टीम इंडिया से नहीं खेल पाए और जल्दी ही टीम से बाहर हो गए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में है शानदार करियर

वसीम जाफर का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार है। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों के 421 पारियों में 57 शतक और 91 अर्धशतक की मदद से 19,410 रन बनाए हैं। उनका औसत भी काफी शानदार है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका औसत 50.97 का है और एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 314 रन है। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 12,000 से अधिक रन बनाने वाले वह इकलौते बल्लेबाज हैं।

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