
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2013 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में फंसे श्रीसंत आजीवन प्रतिबंध का दंश झेल रहे हैं। उन पर लगा प्रतिबंध 18 सितंबर 2017 को कोर्ट ने हटा लिया था। लेकिन बीसीसीआई की याचिका के बाद 17 अक्टूबर को केरल हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने बीसीसीआई के फैसले को सही बताते हुए इस बैन को बरकरार रखा था। केरल हाइकोर्ट की बड़ी खंडपीठ के इस फैसले से श्रीसंत इतने ज्यादा निराश हैं कि वह अब भारत को छोड़कर किसी दूसरे देश में क्रिकेट खेलने का मन बना रहे हैं।
मैं किसी दूसरे देश के लिए क्रिकेट खेल सकता हूं, बीसीसीआई एक प्राइवेट फर्म है।
श्रीसंत का मानना है कि उनके भीतर अब भी कुछ सालों की क्रिकेट बची है लिहाजा वह इस खेल को खेलने का कोई भी मौका नहीं गंवाना चाहते हैं। एशिया नेट न्यूज से के साथ बातचीत करके हुए श्रीसंत का कहना है कि 'मुझ पर बैन बीसीसीआई ने लगाया है, आईसीसी ने नहीं। अगर भारत नहीं, तो मैं किसी दूसरे देश के लिए क्रिकेट खेल सकता हूं। अब मेरी उम्र 34 साल हो चुकी है। मैं ज्यादा से ज्यादा 6 साल और क्रिकेट खेल सकता हूं। लिहाजा मेरी कोशिश है कि किसी भी सूरत में क्रिकेट खेलूं’। एक क्रिकेटप्रेमी होने के नाते मैं खेलना चाहता हूं। सिर्फ इतना ही नहीं, बीसीसीआई एक प्राइवेट फर्म है, यह हम हैं जो इसे भारतीय क्रिकेट टीम कहते हैं लेकिन आखिरकार बीसीसीआई है तो एक प्राइवेट बॉडी। हां, रणजी ट्रॉफी में केरल का प्रतिनिधित्व करना एक दूसरी बात है। मुझे उम्मीद थी कि मैं केरल को रणजी और ईरानी ट्रॉफी जीतने में मदद करूंगा, लेकिन यह फैसला बीसीसीआई के हाथ में है।
स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था
श्रीसंत का यह बयान केरल हाइकोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें उनपर आजीवन प्रतिबंध लगाने के बीसीसीआई के फैसले में दखल देने से इनकार किया गया था। इससे पहले इसी अदालत की सिंगल जज की बेंच ने श्रीसंत पर से पाबंदी हटाने का फैसला दिया था जिसके बाद बीसीसीआई ने उस फैसले के खिलाफ अर्जी डाली थी। कोर्ट के फैसले के बाद श्रीसंत ने ट्वीट कर इसे 'सबसे खराब फैसला' बताया था। 34 वर्षीय तेज गेंदबाज ने कहा था कि चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के मालिक भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाए गए थे लेकिन दो साल के बैन के बाद इन दोनों टीमों की वापसी हो रही है। श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जिससे वह बरी हो चुके हैं। इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने पूछा कि जब लोढ़ा पैनल ने फिक्सिंग प्रकरण से जुड़े 13 नाम सुप्रीम कोर्ट को सौंपे थे तो फिर आखिर उन्हें ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
Published on:
20 Oct 2017 08:03 pm
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