मिताली का यह इस विश्व कप में पहला और कुल छठा शतक है। उन्होंने 123 गेंदों में 11 चौकों की मदद से शतकीय पारी खेली। उनके अलावा हरमनप्रीत कौर ने 60 तथा वेदा कृष्णामूर्ति ने 43 गेंदों में 70 रनों की तेज तरार्र पारी खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान की।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 21 रनों पर ही अपने दो अहम विकेट खो दिए। पिछले मैच में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने वाली पूनम राउत चार रनों के निजी स्कोर पर आउट हुईं। वहीं, सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना एक बार फिर बल्ले से नाकाम रहीं और महज 13 रन ही बना सकी। यहां से मिताली और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 132 रनों की शतकीय साझेदारी करते हुए टीम का स्कोर 153 तक पहुंचाया। 90 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाने वाली हरमनप्रीत, लेघ कास्पेरेक का शिकार हुईं। सात गेंदों का सामना करने के बाद भी दीप्ति शर्मा खाता नहीं खोल पाईं। उनके रूप में भारत ने अपना चौथा विकेट खोया।
मिताली वेद की जोड़ी रही मजबूत
मिताली को फिर वेदा का साथ मिला। मिताली थोड़ा धीमा खेल रही थीं तो वेदा ने तेजी से रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में दो छक्के और सात चौके लगाए। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 108 रन जोड़ते हुए टीम को मजबूत स्कोर दिया। दोनों खिलाड़ी आखिरी ओवर में आउट हुईं। पहला सेमीफाइनल भारत तथा आस्ट्रेलिया के बीच होगा जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका का सामना इंग्लैंड से होगा। पहला मैच डर्बी और दूसरा मैच टांटन में होगा। भारतीय महिलाओं ने डर्बी में अपना चार लीग मैच खेले हैं और वह अजेय रही हैं।