
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली ( File Photo Credit - IANS)
Vinod Kambli health update: पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। यूरिन इंफेक्शन से उबरने के डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी सेहत अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। उनके करीबी दोस्तों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और घबराने वाली कोई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव लगातार देखने को मिल रहे हैं।
कांबली के करीबी दोस्त और पूर्व प्रथम श्रेणी अंपायर मार्कस काउटो ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' से बात करते हुए बताया, "करीब 18 महीने पहले ठाणे के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से कांबली के दिमाग में खून का थक्का जमा है। इसी वजह से उनकी याददाश्त प्रभावित हुई है। कुछ बातें उन्हें याद रहती हैं तो कुछ वे भूल जाते हैं।"
काउटो ने आगे बताया कि कांबली ने शराब तो पूरी तरह छोड़ दी है, लेकिन सिगरेट की लत अभी भी बनी हुई है। मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. आदिल चागला, जो कांबली का इलाज देख रहे हैं, साफ चेतावनी दे चुके हैं कि धूम्रपान उनके लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
एक और चिंताजनक बात यह है कि कांबली कभी-कभी राहगीरों या ऑटो ड्राइवरों से सिगरेट मांग लेते हैं। लोग उन्हें महान क्रिकेटर विनोद कांबली समझकर बिना कुछ सोचे सिगरेट दे देते हैं, जबकि यह उनके दिमाग के लिए कितना घातक है, यह वे नहीं जानते।
हालांकि कुछ अच्छी खबरें भी हैं। काउटो ने बताया कि करीब 10 दिन पहले कांबली ने दिनशॉ की आइसक्रीम का एक विज्ञापन शूट किया। यह लंबे समय के बाद उनकी कोई पेशेवर गतिविधि थी। शूटिंग मुंबई के शिवाजी पार्क जुवेनाइल क्रिकेट ग्राउंड पर हुई और उन्हें उनकी सुविधा के अनुसार ही भूमिका दी गई थी।
पिछले हफ्ते काउटो कांबली के भाई रिकी और पूर्व क्रिकेटर विराम दयाल के साथ बांद्रा स्थित ज्वेल कोऑपरेटिव सोसाइटी में उनके घर गए थे। उन्होंने बताया, “वो उस दिन ठीक-ठाक लग रहे थे। परिवार का माहौल भी अच्छा था। अब वे चलने के लिए छड़ी का सहारा लेते हैं।”
इसके अलावा, कांबली के बेटे क्रिस्टियानो क्रिकेटर बनना चाहते हैं। काउटो ने जतिन परांजपे से अनुरोध किया कि वे क्रिस्टियानो को अपनी अकादमी में दाखिला दें। परांजपे ने तुरंत हामी भर दी और कहा कि कांबली के बेटे से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
दिसंबर 2024 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर के साथ कांबली की लड़खड़ाती चाल देखकर सब चिंतित हो गए थे। इसके बाद सुनील गावस्कर, कपिल देव और 1983 विश्व कप विजेता टीम के कई सदस्यों ने उनके पुनर्वास के लिए समर्थन व्यक्त किया और एक रिहैब प्लान भी तैयार किया था। हालांकि लंबे समय तक पूरी तरह स्वस्थ होना अभी भी कांबली के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Published on:
16 Apr 2026 09:14 am
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