10 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Yuvraj Singh Birthday: युवराज सिंह की इस हरकत की वजह से गांगुली देने वाले थे इस्तीफा, फिर द्रविड़ ने ऐसे रोका

युवराज सिंह का आज 41वां जन्मदिन है। इस मौके पर हम आपको एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं। जब युवराज सिंह की एक हरकत की वजह से टीम के कप्तान सौरव गांगुली कप्तानी से इस्तीफा देने वाले थे। युवराज ने दादा ले साथ एक ऐसा प्रेंक किया था। जिसके चलते दादा भावुक हो गए थे और टीम छोड़ने को तैयार थे।

3 min read
Google source verification
yuvraj.jpg

Happy Birthday Yuvraj Singh: भारतीय टीम के महान ऑलराउंडर और पूर्व खब्बू बल्लेबाज युवराज सिंह का आज 41वां जन्मदिन है। 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में जन्मे यूवी को सिक्सर किंग के नाम से भी जाना जाता है। उनके द्वारा 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ लगाए गए छह सिक्स को हर कोई याद करता है। शानदार बल्लेबाजी और फेल्डिंग के अलावा यूवी ड्रेसिंग रूम में अपनी शरारत के लिए भी जाने जाते थे। वे अक्सर अपने सीनियर्स जैसे राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली से हंसी मज़ाक करते रहते थे।

ऐसा ही एक प्रेंक उन्होंने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ भी किया था। युवराज के इस मज़ाक के चलते दादा कप्तानी से इस्तीफा देने वाले थे। दादा ने भारतीय टीम की कप्तानी ऐसे समय पर संभाली जब फिक्सिंग के आरोपों के चलते टीम पूरी तरह बिखर गई थी और खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं था। ऐसे वक़्त में गांगुली ने ज़िम्मेदारी उठाई और युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया। दादा ने वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा, ज़हीर खान और अजित अगरकर जैसे खिलाड़ियों को चुना और एक मजबूत टीम बनाई।

गांगुली अपनी इस टीम को परिवार की तरह प्यार करते थे और यह बात युवराज बखूबी जानते थे। ऐसे में युवराज ने कप्तान के इस लगाव का फायदा उठाते हुए युवराज ने एक चल चली जिसके चलते गांगुली बहुत भावुक हो गए थे और कप्तान के पद से इस्तीफा देने वाले थे। लेकिन सही वक़्त पर टीम के उपकप्तान राहुल द्रविड़ ने उन्हें रोक लिया।

फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह, युवराज और जहीर ने साथ मिलकर दादा की खिंचाई करने की प्लानिंग की और इसके लिए फूलप्रूफ प्लान भी बना लिया। युवराज ने भारतीय टीम के प्रेस रिलीज का एक पापर जुगाड़ा। इस पेपर का इस्तेमाल सिर्फ कप्तान और बोर्ड अधिकारी ऑफिशियल स्टेटमेंट के लिए करते हैं।

युवराज ने उस पेपर को लिया और उसपर एक बयान टाइप कराया। बयान में लिखा गया कि हरभजन, युवराज और जहीर गेम को लेकर सीरियस नहीं है, बहुत पार्टी करते हैं और लड़कियों के साथ घूमते हैं। इतना ही नहीं इस प्रेस रिलीज पर युवराज ने दादा के नकली साइन भी कर दिए।

इसके बाद तीनों खिलाड़ी टीम प्रैक्टिस से पहले उस पेपर को लेकर दादा के पास पहुंचे और नाराजगी व्यक्त करते हुए दादा से बात की। युवी ने गांगुली से कहा कि ये अपने ठीक नहीं किया। हरभजन और ज़हीर ने भी युवराज का साथ दिया। अपने खिलाड़ियों के मुंह से ऐसे बात सुनकर दादा दुखी हो गए।

आरोपों को सुन गांगुली हैरान रह गए और इन्हें पूरी तरह गलत बताया। गांगुली बार-बार अपनी सफाई देते हुए कह रहे थे कि उन्होंने किसी से ऐसी बात नहीं कही। लेकिन प्लानिंग बहुत सटीक थी और युवी और भज्जी मान ही नहीं रहे थे। तीनों खिलाड़ियों ने टीम के लिए खेलने से माना कर दिया और अपना बैग लेकर वहां से जाने लगे। गांगुली ने उन्हें रोकते हुए पूरे मामले से खुद को अनजान बताया, इसके बाद तीनों प्लेयर्स ने उन्हें वो नकली प्रेस रिलीज दी। प्रेस रिलीज देखते ही दादा के होश उड़ गए।

युवराज को पता था कि टीम के सीनियर खिलाड़ी गांगुली का साथ दे सकते हैं। ऐसे में युवराज ने इस मज़ाक में टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर भी शामिल कर लिया था। जैसे ही यह प्रैस रिलीज द्रविड़ और सचिन ने देखी। तो वे भी दादा पर नाराज़ हो गए और कहा कि वो मीडिया में ऐसा स्टेटमेंट कैसे दे सकते हैं जबकि ये तीनों तो बेहद सीरियस क्रिकेटर्स हैं। यह सब सुनकर गांगुली भावुक हो गए और कप्तानी छोड़ने के लिए राज़ी हो गए। दादा ने कहा, 'उन्होंने ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है। लेकिन फिर भी अगर सबको ऐसा लगता है तो वो अगले दिन कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।'

अब मामला काफी सीरियस हो चुका था और अपने कप्तान को इतना परेशान द्रविड़ से देखा नहीं गया और उन्होंने गांगुली को सब सच बता दिया। द्रविड़ की बात सुनते ही दादा ने बल्ला उठा लिया और युवराज और भज्जी के पीछे दौड़े।