
नई दिल्ली. बिहार में जहरीली शराब से हो रही मौतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. होली के समय भागलपुर, बांका, मधेपुरा, शेखपुरा जैसे जिलों में जहरीली शराब के सेवन से करीब तीन दर्जन लोगों की मौत हुई थी. अब ताजा मामला सारण जिले से सामने आया है. जहां संदिग्ध स्थिति में छह लोगों की मौत हो गई. इन सभी लोगों को पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना और आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत पर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था.
हालांकि सारण वाले मामले में भी पुलिस का रवैया पुराना वाला ही है. मृतकों के परिजन व रिश्तेदार जहां शराब पीने की बात को स्वीकार रहे हैं. वहीं पुलिस के जवान कटहल की सब्जी को मौतों के लिए जिम्मेदार बता रही है. इससे पहले भी भागलपुर, बांका, मधेपुरा के मामले में पुलिस का रवैया यहीं था. यहां तक की बांका में तो पुलिस लाइन के सिपाही के मौत को भी पुलिस ने संदिग्ध मौत की श्रेणी में ही बताया.
सारण के ताजा मामले में आंखों की रोशनी का इलाज करवा रहे अखिलेश ठाकुर की भी मौत हो गई. अखिलेश से पहले सारण के नवरत्नपुर निवासी दसई साह, तरैया निवासी विक्की सिंह, पोखरेरा निवासी संजय पासवान, चैनपुर निवासी रामनगीना सिंह और मदन मोहन सिंह की मौत संदिग्ध हालत में हुई थी. इन सभी के परिजन और आस-पास के लोग मौत के लिए जहरीली शराब को जिम्मेदार बता रहे है.
लेकिन पुलिस का दावा है कि मौत की वजह कटहल की सब्जी और चावल है. वहीं मामले में पुलिस की थ्योरी पर उठ रहे सवालों को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने कहा कि दूसरे जगह की पुलिस टीम को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी. वहीं विपक्षी नेता शराबबंदी को फेल बताते हुए सरकार की आलोचना कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि बिहार के सभी जिलों में घर-घर शराब की होम डिलवरी हो रही है. बीते दिनों भागलपुर और बांका में हुई मौत के बाद बिहार और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने गोड्डा के जंगली इलाकों में छापेमारी कर नकली शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था.
Published on:
30 Apr 2022 04:07 pm

