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टीआईएसएस की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बिहार के ज्यादातर शेल्टर होम में हुआ यौन शोषण

बिहार के लगभग सभी शेल्टर होम में यौन शोषण की घटनाएं हुई हैं। इस बात का खुलासा टीआईएसएस की रिपोर्ट से हुआ है।
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Shiwani Singh

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Updated: 20 Aug 2018, 11:54 AM IST

sexual assault

टीआईएसएस की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बिहार के लगभग सभी शेल्टर होम में हुआ यौन शोषण

नई दिल्ली। बिहार के मुजफ्फनगर में नाबालिग लड़कियों के साथ हुई यौन शोषण की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस केस में रोज नए-नए नाम सामने आ रहे हैं और नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं, अब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) की एक रिपोर्ट से बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। टीआईएसएस की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के लगभग सभी शेल्टर होम में यौन शोषण की घटनाएं हुई हैं।

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बिहार के लगभग सभी शेल्टर में हुआ यौन शोषण

टीआईएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के शेल्टर होम में बच्चों के साथ होने वाला व्यवहार बेहद चिंता का विषय है और परेशान करने वाला है। टीआईएसए की रिपोर्ट कहती है कि बिहार के ज्यादातर शेल्टर होम में गलत काम हो रहा है। यहां के ओम साईं संस्थान के शेल्टर होम ‘सेवा कुटीर’ में लड़कियों के साथ यौन शोषण हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां रहने वाली लड़कियों ने बताया कि उन्हें नौकरी का वादा करके लाया गया और फिर उनका यौन शोषण किया गया था।

बड़े लड़के छोटे लड़कों का यौन शोषण करते हैं

वहीं, बिहार के मोतीहारी में ‘निर्देश’ एनजीओ के शेल्टर होम में बड़े लड़कों द्वारा दूसरे लड़कों का योन शोषण करने की बात सामने आई है। यहां बड़े लड़के छोटे लड़कों का यौन शोषण करते हैं। ‘सखी’ संगठन, नॉवल्टी वेलफेयर सोसायटी, एनजीओ पनाह, ग्राम स्वराज सेवा संस्थान में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं।

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टीआईएसएस ने 2017 में बिहार सरकार को रिपोर्ट सौंप दी थी

आपको बता दें कि टीआईएसएस ने राज्य के सभी शेल्टर होम का सर्वे किया था। वहीं, सर्वे करने के बाद 2017 में बिहार सरकार को रिपोर्ट सौंप दी गई थी। इसके बाद अप्रैल, 2018 में यह रिपोर्ट सामाजिक कल्याण विभाग को सौंपी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम आरोपी बृजेश ठाकुर संदिग्ध हालातों में चला रहा था। यहां लड़कियों के साथ हिंसा और यौन शोषण किया गया। वहीं, 34 लड़कियों का मेडिकल कराने के बाद उनके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। टीआईएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, इन शेल्टर होम का काम बच्चों की सहायता करना है, लेकिन यहां उनके साथ कई सालों से यौन शोषण और हिंसा हो रही है।