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जब ग्राहक बनकर भाई ने बहन को कोठे से आजाद कराया

यह कहानी कुछ फिल्मी है लेकिन बिहार (बेगूसराय) में एक भाई अपनी बहन के पास ग्राहक बनकर पहुंचा और उसे कोठे से आजाद करा घर ले आया।

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मसला बखरी का
बिहार में बेगूसराय जिले के कस्बाई इलाके बखरी में एक नौजवान एक दलाल को रुपए देता है। इसके बाद वह एक महिला के साथ कमरे में दाखिल होता है और चंद मिनटों के बाद ही निकल कर लौट जाता है। कुछ समय बाद वही नौजवान पुलिस के साथ वापस पहुंचता है। इस बार वह उस महिला को देह व्यापार के दलदल से बाहर निकालने आया है। दरअसल वह महिला कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी बहन है। बहन के साथ एक और महिला को देह व्यापार से मुक्त कराने में उसे सफलता मिली। यह घटना जिससे जुड़ी उनमें से एक बिहार के शिवहर जिले से है और दूसरी महिला झारखंड की है।

फेरी वाले को देख जगी आस
शिवहर की प्रतिमा बदला हुआ नाम ने अपने मायके पहुंचने के बाद बताया कि करीब तीन साल पहले अशोक खलीफा सीतामढ़ी से भगाकर मुझे बखरी लाया और फिर मुझसे यह काम कराने लगा। बखरी में वह अपने बेटे के साथ रहती थीं। उनके मुताबिक उन्हें बंद करके रखा जाता था। वह कहीं निकल नहीं पाती थीं। करीब दो हफ्ते पहले मेरे यहां एक फेरीवाला आया तो हम उसको देखकर बोली कि आपको मैं पहचानती हूं। वह भी बोला कि हम भी तुमको पहचानते हैं। इसके बाद उनका नंबर लेकर यहां से निकलने के लिए उनसे बात करते थे। दरअसल वह फेरीवाला प्रतिमा के मायके का था।

मायकेवालों तक पहुंचाई खबर
प्रतिमा ने बताया कि मुझे बेहोश कर रेप किया जाता और वीडियो बनाया जाता। फेरी वाले ने शिवहर आकर पूरा मामला प्रतिमा के परिवारवालों को बताया जिसके बाद प्रतिमा को आजाद कराने उनके मायकेवाले बेगूसराय पहुंचे। ग्राहक बनकर पहुंचा भाई प्रतिमा के भाई मनोज ने बताया कि मैँ अशोक खलीफा के पास ग्राहक बनकर पहुंचा। दो सौ रुपए देने के बाद उसने मुझे दो लड़की दिखाई। मैंने इशारे में अपनी बहन को चुना। इसके बाद में कमरे में अपनी बहन के साथ करीब पांच मिनट रहा। उससे ये कहकर वहां से निकल गया कि थाने से पुलिस लेकर आता हूं। इसके बाद प्रतिमा के पिता के द्वारा दर्ज एफआईआर पर बखरी थाने की पुलिस ने बुधवार को छापेमारी कर प्रतिमा और एक अन्य महिला को आजाद कराया।

और घर पहुंची पीडि़ता
कोठे से प्रतिमा की रिहाई के बाद पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच कराई गई और अदालत में उसका बयान दर्ज कराया। इसके के बाद अदालत ने उन्हें उसी दिन उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। एफआईआर में नामित दो लोगों में से एक नसीमा खातून को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे अशोक खलीफा अभी फरार हैं।