
नई दिल्ली। अंबेडकर, संत रविदास और ज्योतिबा फुले जैसे दलित महापुरुषों के देश में दलितों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। गुजरात में एक दलित युवक की सिर्फ इस वजह से हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने घुड़सवारी के शौक में घोड़ा पाल रखा था। दावा किया जा रहा है कि कुछ कथित ऊंची जाति के दबंगों ने इस घिनौनी वारदात को अंजामा दिया है। पुलिस ने कहा कि पास के गांव से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच के लिए भावनगर अपराध शाखा से मदद मांगी गई है।
घोड़ा खरीदते ही मिलने लगी थी धमकी
गुजरात के भावनगर जिले में प्रदीप राठौर ने दो माह पहले एक घोड़ा खरीदा था और तब से उसके गांववाले उसे धमका रहे थे। युवक को घोड़ा रखने और घुड़सवारी का बेहद शौक था। प्रदीप के पिता कालुभाई राठौर ने कहा कि प्रदीप धमकी मिलने के बाद घोड़े को बेचना चाहता था, लेकिन उन्होंने उसे ऐसा न करने के लिए समझाया। जिसके बाद उसकी गुरुवार देर रात हत्या कर दी गई।
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
प्रदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए भावनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन उसके परिजनों ने कहा है कि वे लोग वास्तविक दोषियों की गिरफ्तारी तक शव स्वीकार नहीं करेंगे। क्षेत्र के निवासियों ने दावा किया कि उमराला तहसील के टिंबी गांव में इस घटना के बाद तनाव व्याप्त है। गांव की आबादी लगभग 3000 है और इसमें से दलितों की आबादी लगभग 10 प्रतिशत है।
दंबगों ने प्रदीप के साथ घोड़े को भी मार दिया
कालुभाई ने पुलिस को बताया कि प्रदीप गुरुवार को खेत यह कहकर गया था कि वह वापस आकर साथ में खाना खाएगा। जब वह देर तक नहीं आया, हमें चिंता हुई और उसे खोजने लगे। हमने उसे खेत की ओर जाने वाली सड़क के पास मृत पाया। कुछ ही दूरी पर घोड़ा भी मरा हुआ पाया गया। प्रदीप 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद खेती में अपने पिता की मदद करता था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने स्थिति के संबंध में जानकारी मिलने के बाद यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया है।
Published on:
31 Mar 2018 10:03 am

बड़ी खबरें
View Allक्राइम
ट्रेंडिंग
