
India delhi gang rape
नई दिल्ली। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में हुए गैंग रेप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। जिसके बाद लड़कियां घर से निकलने से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती है। इस रेपकांड में 6 आरोपियों को पकड़ा गया था जिसमें एक आरोपी ने तो जेल में आत्महत्या कर ली थी और एक को नाबालिग होने के चलते 3 साल की सजा हुई। बाकी 4 आरोपियों को निचली अदालत ने फांसी की सजा दी, जिसको दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। एक न्यूज चैनल से मुकेश सिंह ने बलात्कार के लिए खुद लड़की को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा इस घटना में लड़के से ज्यादा लड़की जिम्मेदार है।
रेपिस्ट मुकेश ने कहा कि लड़की और उनका दोस्त इतना विरोध नहीं करते तो वो उनको इतनी बेरहमी से नहीं मारते। लड़की की मौत के एक दुर्घटना बताते हुए कहा कि अगर लड़की रेप के समय विरोध नहीं करती तो उसको छोड़ दिया जाता और केवल लड़के को मारा जाता। मुकेश के कहा कि एक अच्छी लड़की कभी भी 9 बजे के बाद घर से बाहर नहीं घूमती। इसलिए रेप के लिए लड़के से ज्यादा जिम्मेदार लड़की होती है। लड़कियां लड़कों के बराबर नहीं होती। लड़कियों को घर में रहकर कामकाज करने चाहिए न कि रात को डिस्को और बार में जाकर गलत काम करना। करीब 20 प्रतिशत लड़कियां ही अच्छी होती हैं।
फांसी की सजा पाए मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की हुई है। अगर उसे और दूसरे दोषियों को फांसी दी तो भविष्य में रेप की शिकार लड़कियों के लिए जान गंवाने का खतरा बढ़ जाएगा। मुकेश ने कहा कि अभी तो लड़कियों को रेप के बाद छोड़ दिया जाता हैं यह समझकर कि यह किसी से कुछ नहीं कहेगी। लेकिन बाद में उनका रेप होगा, तो खासतौर पर अपराधी लोग लड़की को मार डालेंगे।
Published on:
02 Mar 2015 07:12 pm
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