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दिल्ली: सामने आया पुलिस का फर्जीवाड़ा, फर्जी कागजों पर बनवाए 52 असली पासपोर्ट

मामला सामने आने के बाद अब तक तीन पुलिसवालें सस्पेंड हो चुके हैं।
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Shiwani Singh

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Updated: 27 Nov 2018, 2:02 PM IST

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दिल्ली: सामने आया पुलिस का फर्जीवाड़ा, फर्जी कागजों पर बनवाए 52 असली पासपोर्ट

नई दिल्ली। पुलिस के पास हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी होती। कहीं भी हो रहे अपराध को रोकने और मुजरिम को पकड़ने का काम पुलिस का होता है, लेकिन जब वही पुलिस खुद ही अपराधी बन जाए, जब वही पुलिस आपराधिक कामों को अंजाम देने लगे तो सोचिए देश और समाज का क्या होगा। ऐसा ही मामला दिल्ली से सामने आया है, जहां अपने काम के लिए जाने जाने वाली दिल्ली पुलिस पर बहुत बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है।

यह गड़बड़झाला दिल्ली पुलिस की पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसे कामों से जुड़ी स्पेशल ब्राच से सामने आया है। स्पेशल ब्रांच के कुछ पुलिसवालों पर आरोप हैं कि उन्होंने कथित रूप से पैसे लेकर दिल्ली में रह रहे अफगानिस्तान के 52 नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवाया है। बता दें कि जो भी पास्पोर्ट बनाए गए वे सभी असली थे। लेकिन इन पास्पोर्ट को बनवाने के लिए जो भी दस्तावेज लगे है वे सभी फर्जी थे। वहीं, इनके एवज में पुलिस वालों ने उनसे कथित रूप से 2 करोड़ रुपए लिए थे।

6 महीने पुराना फर्जीवाडा

वहीं, मामला सामने आने के बाद अब तक तीन पुलिसवालें सस्पेंड हो चुके हैं। इनके अलावा भी कई पुलिसवालें इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं, जिसकी अभी जांच चल रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह फर्जीवाड़ा लगभग 6 महीने पहले शुरू हुआ था। आरोपी पुलिस वालों ने 52 अफगानी नागरिकों के पासपोर्ट दो बार में बनवाए थे। पहली बार 15 अफगानियों के पासपोर्ट बने। वहीं, दूसरी बार 37 विदेशियों के भारतीय पासपोर्ट बनवाए गए। बता दें कि यह काम दलालों के जरिए किया जा रहा था।

यहां रहते थे ये अफगानी नागरिक

जानकारी के मुताबिक जिन अफगानी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बनवाए जा रहे थे सभी वेस्ट दिल्ली के पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन और तिलक नगर इलाके में रहते थे। सभी 52 विदेशी नागरिक किराए पर रहते थे। इनके पास दिल्ली का कोई पर्मानेंट अड्रेस नहीं था और ना ही अड्रेस प्रूफ के तौर पर कोई भारतीय सरकारी दस्तावेज नहीं था।

कौन करता था वेरिफेकेशन

बता दें कि पासपोर्ट बनवाने के लिए कई वेरिफिकेशन किए जाते हैं। अफगानी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने से जुड़े तमाम कागजों की जांच स्पेशल ब्रांच द्वारा किया जाता है। इस ब्रांच के ही कुछ पुलिसकर्मियों ने इन विदेशी नागरिकों को दस्तावेज बनवाने का रास्ता दिखाया।

कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा

इस फर्जीवाड़े का खुलासा एक पुलिसवाले ने ही किया। पुलिसवाले ने अपने ही डिपार्टमेंट को जानकारी दी कि स्पेशल ब्रांच के कुछ पुलिसवाले इस तरह का गड़बड़घोटा कर रहे हैं। इसके बाद यह मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू हुई और फिर फर्जीवाड़े की परत दर परत खुलती गई।