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संविधान दिवस: बोले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, संसद की कार्यवाही बार-बार ठप होना दुर्भाग्यपूर्ण

रामनाथ कोविंद ने कहा कि संविधान नागरिकों को सशक्त बनता, जो बदले में संविधान को सशक्त करते हैं।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

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Updated: 26 Nov 2018, 3:36 PM IST

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संविधान दिवस: बोले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, संसद की कार्यवाही बार-बार ठप होना दुर्भाग्यपूर्ण

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को संसद की कार्यवाही में व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही बार-बार रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि कोविंद ने यह बातें संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजिक एक समारोह में कहीं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक न्याय, प्रौद्योगिकी और समाज कल्याण योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने,आधार कार्ड के महत्व सहित कई अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी।

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संविधान नागरिकों को सशक्त करता है

सामाजिक न्याय को विकास की कसौटी के रूप में रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक न्याय का मतलब समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में समान अवसर मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों को सशक्त करता है, जो बदले में संविधान को सशक्त करते हैं। वहीं उन्होंने न्यायाधीश रंजन गोगोई के शीर्ष अदालत के फैसलों का हिंदी के साथ-साथ अन्य भाषाओं में अनुवाद शुरू कराने के फैसले का स्वागत किया।

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संविधान लोगों की जिंदगियों का एक अभिन्न हिस्सा

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा कि संविधान हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज है। संकट के क्षणों में इसमें दर्ज सभी सलाह हमारे देश के हित में है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान लोगों की जिंदगियों का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। आपको बता दें कि आज संविधान दिवस है। संविधान दिवस पर डॉ. भीम राव आंबेडकर को याद तो किया ही जा रहा है साथ ही संविधान की विशेषताओं पर भी देश के सम्मानित लोग बात कर रहे हैं।