
नई दिल्ली। झारखंड के चतरा में दो झोलाछाप डॉक्टरों ने ऐसी शर्मनाक हरकत की है, जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। इन डॉक्टरों ने अपना एक झूठ छिपाने के लिए एक नवजात का गुप्तांग काट दिया। इस मूर्खतापूर्ण हरकत के चलते बच्चे की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने वाले दोनों झोलाछाप फिलहाल फरार हैं। मामला इटखोरी प्रखंड मुख्यालय के जयप्रकाश नगर का है। इस हरकत को यहां अवैध तौर पर संचालित किए जा रहे ओम क्लिनिक में अंजाम दिया गया। आरोपियों का नाम अरुण कुमार और अनुज कुमार बताया जा रहा है। दोनों ने एक के बाद एक अवैध और मूर्खतापूर्ण काम किए हैं।
...शुरू से आखिरी तक झोल ही झोल
दरअसल, मयूरहंड प्रखंड में स्थित ग्राम बलिया के रहने वाले अनिल पंडा अपनी पत्नी गुड्डी देवी को प्रसव पीड़ा के बाद जांच के लिए ओम क्लिनिक ले गए थे। यहां अवैध क्लिनिक चला रहे दोनों झोलाछाप डॉक्टरों ने पहले प्रसूता का भ्रूण परीक्षण किया जो गैरकानूनी है। इसके बाद उन्होंने परिजनों को बताया कि गर्भ में बेटी पल रही है। इसके बाद महिला के ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई। इसी बीच महिला ने सामान्य डिलीवरी से एक बेटे को जन्म दिया। ऐसे में पहले लड़की होने की भविष्यवाणी करने वाले झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी बात झूठी साबित होने के डर से नवजात का गुप्त अंग काट दिया।
...और मां को मौत की खबर देकर फरार हो गए
मृत नवजात की मां के मुताबिक जन्म के बाद उसका बच्चा जीवित था, लेकिन थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने बच्चे की मौत होने की बात कह दी। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। परिजनों ने जब बच्चे को देखा तो पता चला कि नवजात का गुप्तांग कटा हुआ है। इस सिलसिले में बच्चे के पिता अनिल पंडा के बयान पर पुलिस ने अरुण कुमार और अनुज कुमार के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
Published on:
26 Apr 2018 12:11 pm

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