
यूपी सरकार ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा गैर कानूनी तरीके से वक्फ की संपत्तियों की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण के मामले में सीबीआई ने बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की है। मामला दर्ज होने के बाद शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी की एंटी करप्शन ब्रांच ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक वसीम रिजवी पर प्रयागराज और कानपुर में वक्फ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त धोखाधड़ी और गड़बड़ी का आरोप है।
योगी सरकार ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश
बता दें कि वक्फ की संपत्ति बेचने को लेकर 8 अगस्त, 2016 में प्रयागराज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एक मामला 27 मार्च, 2017 को लखनऊ के हजरतगंज में कानपुर स्थित वक्फ की संपत्ति को ट्रांसफर करने का दर्ज किया गया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने लखनऊ और प्रयागराज में दर्ज मामलों को आधार बनाते हुए वसीम रिजवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लखनऊ में दर्ज हुए मामले में वक्फ बोर्ड के 2 अन्य अफसरों समेत 5 को नामजद किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन मामलों की जांच की सिफारिश सीबीआई से की थी।
Updated on:
20 Nov 2020 08:23 am
Published on:
20 Nov 2020 08:01 am
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