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1993 Mumbai Blast Case: कड़ावाला हत्या मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन बरी, इस वजह से कोर्ट ने लिया फैसला

1993 Mumbai Blast Case के आरोपी कड़वाला की हत्या में छोटा राजन को कोर्ट ने किया बरी
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Dheeraj Sharma

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Updated: 23 Apr 2021, 2:25 PM IST

Chhota Rajan Acquitted in 1993 mumbai bomb balst case accused hanif kadawala murder

Chhota Rajan Acquitted in 1993 mumbai bomb balst case accused hanif kadawala murder

नई दिल्ली। मुंबई में 1993 में हुए बम धमाकों ( 1993 Mumbai Blast Case ) के केस में आरोपी हनिफ कड़ावाला की हत्या मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ( Chhota Rajan ) को लेकर बड़ी खबर सामने आी है। सीबीआई ( CBI ) की विशेष अदालत ने छोटा राजन और उसके सहयोगी को बरी कर दिया है।

सीबीआई के विशेष जज ए टी वानखेड़ के अदालत ने हत्या और मकोका ( महाराष्ट्र संगठित अपराध कानून) के तहत आरोपी राजन और अन्य सहयोगी जगन्नाथ जायसवाल को बरी कर दिया है।

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मुंबई की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन और एक जगन्नाथ जायसवाल को 1993 के विस्फोट मामले के आरोपी और फिल्म निर्माता हनिफ कड़वाला की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। वकीलों ने कहा है कि अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोनों को बरी किया है।

आपको बता दें कि पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या मामले में राजन पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

दरअसल सीबीआई ने जून 2019 में दायर अपनी चार्जशीट में दावा किया था कि राजन ने हत्या उसके लोगों के जरिए करवाई थी। सीबीआई ने कहा था कि राजन ने विस्फोट के पीड़ितो का बदला लेने के लिए कहा था। वो जनता की सहानुभूति हासिल करना चाहता था।

कड़ावाला को अभिनेता संजय दत्त की मदद के लिए लगाया गया था। 7 फरवरी, 2001 को कडावाला की हत्या कर दी गई थी। राजन और जायसवाल को एक अलग मुकदमे का सामना करना पड़ा था।

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पिछले साल मार्च में, कड़ावाला के बेटे ने हस्तक्षेप के एक आवेदन को स्थानांतरित किया था, जिसमें केस के एक आरोपी के रूप में कड़ावाला के करीबी रिश्तेदार को जोड़ने की मांग की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि संपत्ति विवाद के कारण उसकी हत्या की गई थी।

हालांकि कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि , हत्या के बाद से 16 साल तक ऐसा कोई दावा नहीं किया गया था और इस मामले में परिवार को अब दावा करने के लिए प्रेरित करने के लिए एकत्र करना मुश्किल था।

आपको बता दें कि आतंकवादी हमले के मुख्य सरगना टाइगर मेमन के कहने पर कड़ावाला मुंबई में हथियार लेकर गया था। जिसका इस्तेमाल 1993 के बम धमाकों में हुआ था।