कांग्रेस नेता की जीप में अफीम रखवाने के मामले में कोर्ट ने तत्कालीन जिला प्रमुख को माना आरोपी
– कोर्ट ने प्रसंज्ञान लेकर जमानती वारंट से किया तलब
– वर्ष 2015 का मामला, अब तक पांच आरोपी
हनुमानगढ़. मालारामपुरा सरपंच पुत्र की अफीम तस्करी में गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई पर उठते सवालों के चलते जिले में पहले से ही अफीम काफी चर्चा में है। इस बीच वर्ष 2015 के कांग्रेस नेता की जीप में अफीम रखवाने के मामले में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण ने तत्कालीन भाजपा जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया को आरोपी माना है। न्यायालय ने पूर्व जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर प्रथमदृष्ट्या अपराध प्रमाणित मानते हुए उनको 50 हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने बताया कि इस संबंध में परिवादी संदीप दूधवाल ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत कोर्ट में जरिए विशिष्ट लोक अभियोजक प्रार्थना पत्र पेश किया था। इसमें तत्कालीन जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया को 8/18, 29 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 195, 120 बी आईपीसी में आरोपी बनाने का निवेदन किया था। कोर्ट ने इस पर प्रसंज्ञान लेते हुए कृष्ण चोटिया को आरोपी मानते हुए 50 हजार के जमानती वारंट से एक सितम्बर 2022 को तलब किया है।
अब तक पांच आरोपी
इस प्रकरण में जंक्शन थाना पुलिस ने 15 सितम्बर 2017 को चालान पेश किया था। पुलिस ने रोहताश कुमार एवं निर्मलजीत सिंह को आरोपी मानते हुए दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। बाद में संदीप दूधवाल ने शिवप्रकाश बेनीवाल एवं सुभाष जांगू को आरोपी बनाने के लिए एनडीपीएस कोर्ट में जरिए लोक अभियोजक सीआरपीसी की धारा 319 में प्रार्थना पत्र पेश किया। इस पर कोर्ट ने प्रसंज्ञान लेकर दोनों को तलब किया। मगर दोनों जने हाईकोर्ट पहुंच गए। वहां दोनों का आवेदन खारिज हो गया। इसके बाद शिवप्रकाश बेनीवाल एवं सुभाष जांगू एनडीपीएस कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया। इस तरह प्रकरण में चार जने आरोपी बनाए जा चुके हैं। अब कृष्ण चोटिया को पांचवां आरोपी माना गया है।
अफीम पर छिड़ा था सियासी युद्ध
प्रकरण के अनुसार कांग्रेस के तत्कालीन ब्लॉक अध्यक्ष संदीप दूधवाल निवासी सहजीपुरा सात अगस्त 2015 को हनुमानगढ़ स्थित न्यायालय में पेशी पर आए थे। अपनी जीप कोर्ट परिसर में खड़ी की। शाम को जंक्शन थाना पुलिस ने गाड़ी से 700 ग्राम अफीम बरामद की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई को रंजिश निकालने के लिए पूर्व प्रायोजित बताया। इसके पीछे तत्कालीन जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया व अन्य भाजपा सदस्यों का हाथ होने के आरोप लगाए। बताया गया कि वर्ष 2010 में संदीप दूधवाल ने कृष्ण चोटिया के नाम संचालित डिपो में राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इस संबंध में चोटिया के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। जांच कर चालान पेश कर दिया गया। बाद में प्रकरण की जांच सीआईडी सीबी से कराई गई। उसने एफआर लगाकर रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी। न्यायालय के जरिए संदीप दूधवाल इस प्रकरण में जिला रसद अधिकारी को हटवा कर उनकी जगह पार्टी बने। इसी प्रकरण को लेकर वे कोर्ट पहुंचे थे।