
पॉक्सो के मामलों में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई सजा, पत्रिका फोटो
POCSO case verdict: अपहरण करके या डरा-धमकाकर नाबालिग से बलात्कार के 3 अलग-अलग मामलों में जयपुर जिले की तीन विशेष अदालतों ने दोषियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने नाबालिगों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यदि सख्ती नहीं करेंगे तो अपराधियों के हौंसले बुलंद होंगे। वहीं कोर्ट ने ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी दिखाने से साफ इनकार कर दिया।
पॉक्सो मामलों की जिले के विशेष अदालत के पीठासीन अधिकारी केसी अटवासिया ने अपहरण कर नाबालिग से बलात्कार करने वाले मोहनलाल को 20 साल की सजा सुनाई और 1.75 लाख रुपए जुर्माना लगाया।
विशेष लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के पिता ने जयपुर जिले के एक थाने में एक जून 2022 को एफआइआर कराई। इसमें कहा कि परिवादी की बेटी को मोहनलाल बहला-फुसलाकर ले गया। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि उसे भरतपुर और मथुरा ले जाया गया, जहां नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया।
जयपुर महानगर-द्वितीय क्षेत्र की पॉक्सो विशेष अदालत क्रम-1 के पीठासीन अधिकारी विकास कुमार खंडेलवाल ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में शाहिल खान को 20 वर्ष की सजा सुनाई और 1.20 लाख रुपए जुर्माना लगाया।
लोक अभियोजक मातादीन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 16 अगस्त, 2022 को पीडि़ता के पिता ने जयपुर शहर के एक थाने में मामला दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि 14 वर्षीय बेटी को शाहिल खान बहला-फुसलाकर ले गया। आरोपी ने कोर्ट में कहा कि सहमति से संबंध बनाए। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग से सहमति के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
जयपुर महानगर प्रथम क्षेत्र की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 की पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने डरा-धमकाकर नाबालिग से बार-बार बलात्कार करने वाले पंकज प्रजापत को 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह राजावत ने को बताया कि पीडि़ता के चाचा ने 23 फरवरी, 2024 को गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें शक जताया कि पंकज परिवादी की भतीजी को ले गया। सुनवाई के दौरान पीडि़ता ने बताया कि घटना से तीन साल पहले जब नाबालिग थी तो पंकज ने डरा-धमकाकर संबंध बनाए। इसके बाद वह आए दिन बुलाकर संबंध बनाता था।
Published on:
08 Feb 2026 08:41 am
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