
महात्मा गांधी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली। देश के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि एक ओर साबरमती में पीएम मोदी ने बापू की 150वीं जयंती पर उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। तो दूसरी ओर मध्य भारत में स्थित गांधी जी के एक स्मारक से उनकी अस्थियां चोरी कर ली गईं।
बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक एमपी के रीवा में मौजूद गांधी स्मारक में सन 1948 से गांधी जी की अस्थियां रखी हुई थीं। इसी वर्ष नाथूराम गोडसे ने गांधी जी को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
रीवा पुलिस ने बीबीसी को बताया कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस मामले को शांति भंग करने और राष्ट्रीय एकता के पूर्वाग्रहपूर्ण कृत्य में बाधा पहुंचाने वाले मान रही है।
वहीं, इस गांधी स्मारक की देखरेख करने वाले मंगलदीप तिवारी ने इस चोरी को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "मैंने गांधी जयंती के चलते सुबह जल्द ही भवन के दरवाजे खोले थे। जब मैं रात करीब 11 बजे वापस आया तो मैंने देखा कि गांधी जी की अस्थियां गायब थीं और उनके पोस्टर को बिगाड़ दिया गया था।"
पुलिस ने स्थानीय कांग्रेस नेता गुरमीत सिंह की शिकायत पर कार्रवाई की। सिंह ने कहा कि यह पागलपन रुकना चाहिए। रीवा पुलिस से दरख्वास्त करता हूं कि वो बापू भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराए।
गौरतलब है कि जनवरी 1948 में नाथूराम गोडसे ने नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन परिसर में महात्मा गांधी को गोली मार दी थी। उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था और उनकी अस्थियों को हिंदू धर्म की मान्यताओं से उलट नदी में नहीं बहाया गया था।
बापू की प्रसिद्धि को देखते हुए उनकी अस्थियों को एमपी के बापू भवन के साथ ही देश के अलग-अलग स्मारकों में रखवा दिया गया था।
Updated on:
04 Oct 2019 07:59 am
Published on:
03 Oct 2019 09:03 pm
बड़ी खबरें
View Allक्राइम
ट्रेंडिंग
