
प्लेन हाईजैक करने की झूठी खबर फैलाने वाले कारोबारी पांच साल तक नहीं करेगा सफर
नई दिल्ली: मुंबई के एक ज्वेलरी कारोबारी का नाम नेशनल नो फ्लाइ लिस्ट में डाला गया है। 37 साल के बिरजू किशोर सल्ला अब पांच सालों तक विमान में नहीं बैठ पाएगा। सल्ला को नेशनल नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया गया है। सल्ला पर आरोप है कि अक्टूबर 2017 में सल्ला ने जेट एयरवेज की फ्लाइट को हाईजैक करने का झूठी खबर फैलाई थी। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
अहमदाबाद में हुई थी फ्लाइट की लैंडिंग
दरअसल 30 अक्टूबर को 9W339 फ्लाइट ने मुंबई से सुबह 2.55 बजे दिल्ली जाने के लिए उड़ान भरी थी। इसमें सल्ला भी सफर कर रहा था। सल्ला ने विमान के वॉशरूम में एक उर्द और अंग्रेजी भाषा का पत्र रख दिया था। जिसमें लिखा गया था कि प्लेन को दिल्ली नहीं पीओके ले जाया जाएगा। अगर इसे दिल्ली में लैंडिंग कराने की कोशिश की गई तो मरने की आवाज सुनाई देगी। इसे मजाक मत समझना। सुरक्षा कारणों को देखते हुए फ्लाइट को 3.45 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतार दिया गया। घटना के बाद सल्ला की गिरफ्तारी अक्टूबर में की गई थी। सल्ला ऐसा पहला शख्स था जिसपर एंटी-हाईजैकिंग कानून के तहत केस दर्ज हुआ था।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कार्रवाई के दिए थे आदेश
उसी दौरान तत्कालिक नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने सल्ला को नो फ्लाई लिस्ट में डालने और केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। बिरजू सल्ला को ऑन बोर्ड खतरनाक व्यावहार और बदसलूकी के चलते तीसरी श्रेणियों में दोषी करार दिया गया। इसमें दो साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है। इसके अलावा हिंसा, कॉकपिट में घुसने की कोशिश या ऑपरेटिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर भी इस तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि आए दिन प्लेन में यात्रियों की ओर से गलत व्यवहार और बदसलूकी करने की शिकायतें आ रही थी। इसे देखते हुए सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (सीएआर) के नए नियमों के मुताबिक सख्त कार्रवाई करने के प्रावधान किए गए हैं।
Published on:
20 May 2018 04:28 pm
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