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किस्त नहीं चुकाने पर किसान की बेटी को कुचलने के मामले में हत्या का केस, अब सामने आया फाइनांस कंपनी के MD का ये जवाब

Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले में निजी फाइनांस कंपनी के अधिकारी और रिकवरी एजेंटों ने समय पर किस्त नहीं चुकाने पर किसान की बेटी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। जिससे किसान की गर्भवती बेटी की मौत हो गई। इस मामले में अब चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।

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Murder Case Against 4 People of Mahindra Finance Company in Hagaribagh

Jharkhand News: निजी फाइनांस कंपनियों के लोन लेकर बहुत सारे लोग गाड़ी या बाइक खरीदते हैं। लेकिन सही समय पर लोन का किस्त नहीं चुकाने पर उन वाहनों को फाइनांस कंपनियां रिकवरी एजेंटों की मदद से सीज करवा लेती है। इसी कोशिश में गुरुवार को झारखंड के हजारीबाग जिले में किसान की बेटी की मौत हो गई थी। दरअसल जब रिकवरी एजेंट किसान के ट्रैक्टर को सीज रहे थे, तब किसान की बेटी उसे रोकने के लिए सामने आ गई थी।

इसके बाद फाइनांस कंपनी के कर्मी और रिकवरी एजेंटों ने किसान की बेटी को कुचल दिया था। अब इस घटना में चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया दिया है। साथ ही इस मामले में निजी फाइनांस कंपनी महिंद्रा फाइनांस के एमडी का पत्र भी सामने आया है। महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के एमडी डॉ. अनीश शाह ने इस मामले में कहा कि दुख की इस घड़ी में वो पीड़ित परिवार के साथ है। मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। थर्ड पार्टी के जरिए लोन रिकवरी पर भी विचार किया जाएगा। कंपनी जांच में हर तरीके से मदद करेगी।


इधर हजारीबाग पुलिस ने किसान की शिकायत पर महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के 4 कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया है। हजारीबाग एसपी मनोज रतन चौथे ने बताया कि महिंद्रा फाइनेंस के रोशन सिंह समेत चार कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सभी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एसपी ने आगे कहा कि इस बात की लगातार सूचना मिल रही है कि फाइनेंस कंपनियों के एजेंट पैसे की वसूली के लिए अवैध और जोर-जबरदस्ती करते हैं। फाइनेंस कंपनियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे नियमानुसार अपनी कार्रवाई करें। नियम के खिलाफ जाकर कार्रवाई करने पर उन्हें अंजाम भुगतना होगा।


हजारीबाग जिला मुख्यालय से करीब 100 किमी दूर सिजुआ गांव निवासी किसान मिथिलेश मेहता ने 2018 में महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से एक ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया था। करीब साढ़े पांच लाख के ट्रैक्टर की किस्त वो लगातार चुका रहे थे। 1 लाख 20 हजार रुपए की 6 किस्त बाकी रह गई थीं। पैसों की कमी के कारण वे इन किस्तों को चुकाने में लेट हो गए।

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जिसके बाद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी और रिकवरी एजेंट ट्रैक्टर को सीज करने पहुंचे। ट्रैक्टर को सीज करता देख किसान मिथिलेश मेहता बकाए किश्त की राशि को चुकाने के लिए तैयार हो गए। लेकिन कंपनी वालों ने उनसे 10 हजार रुपए अधिक मांगा। जिसके देने में आनाकानी करने पर वे लोग गाड़ी सीज करने लगे। इसी दौरान किसान की बेटी मोनिका ट्रैक्टर के आगे खड़े होकर उसे रोकना चाह रही थी।

जिसके बाद कंपनी के लोगों ने उसे ट्रैक्टर से कुचल दिया। मोनिका गर्भवती थी। उसकी मौत के बाद गांव के सैकड़ों लोग विरोध करते हुए फाइनांस कंपनी के दफ्तर पहुंचे। जहां पुलिस ने उन्हें समझाबुझा कर शांत किया।

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