
pawan gupta (file photo)
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारों दोषियों की आगामी 1 फरवरी को फांसी से पहले दोषियों के वकीलों और परिजनों द्वारा इसे टालने का हर तरीका अपनाया जा रहा है। हालांकि सोमवार को दोषियों के फांसी के बीच की एक अड़चन और दूर हो गई। एक दोषी पवन कुमार गुप्ता के पिता की याचिका को दिल्ली की अदालत ने खारिज कर दिया।
दरअसल निर्भया केस के चार दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता के पिता ने इस मामले के एकमात्र गवाह की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में दावा किया गया था कि इस मामले के एकमात्र गवाह को प्रभावित किया गया था।
निर्भया केस का एकमात्र गवाह निर्भया का दोस्त अवनींद्र है, जिसकी गवाही को चुनौती देने वाली याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता पवन गुप्ता के पिता हीरालाल गुप्ता ने दावा किया था कि इस मामले के एकमात्र गवाह का बयान विश्वसनीय नहीं था, क्योंकि उसे सिखाया-पढ़ाया गया था। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि अवनींद्र ने पैसे लेकर न्यूज चैलनों को इंटरव्यू दिए और इसने भी मामले की जांच को प्रभावित किया।
हालांकि अदालत ने याचिका पर सुनवाई करने के बाद इसे खारिज कर दिया और पवन गुप्ता के पिता की उसे फांसी से कुछ और मोहलत दिलाने की एक उम्मीद भी खत्म कर दी।
वहीं, सोमवार को फैसला आने से पहले इस संबंध में निर्भया की मां ने कहा, "अदालत में यह अपील खारिज कर दी जाएगी और फांसी में देरी करने की उनकी कोशिश असफल साबित होगी।"
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में एक और दोषी मुकेश द्वारा दायर याचिका पर बयान देते हुए निर्भया की मां ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि आगामी 1 फरवरी को उन्हें फांसी दे दी जाएगी। दरअसल मुकेश ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
गौरतलब है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया केस के दोषी मुकेश सिंह के वकील से कहा कि वह राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ अपने केस की रजिस्ट्री तत्काल सुनवाई के लिए दाखिल करें। बीती 17 जनवरी को राष्ट्रपति कोविंद ने दोषी की याचिका खारिज कर दी थी।
Updated on:
27 Jan 2020 06:54 pm
Published on:
27 Jan 2020 05:46 pm
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