
Pak-organised Terror Module: Delhi Police released Imtiyaz and Mohammad Jaleel (Demo Pic)
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी पुलिस की एटीएस द्वारा मंगलवार को पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद कई स्थानों से छह लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद यूपी एटीएस ने इस मॉड्यूल से जुड़े होने के शक में तीन लोगों को उठाया था। हालांकि बुधवार को इस मामले में उस वक्त हास्यापद स्थिति हो गई, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूपी एटीएस द्वारा उन्हें सौंपे गए तीन लोगों में से पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया। वहीं, इस पूरे मामले में फिलहाल तीसरा संदिग्ध लापता है क्योंकि स्पेशल सेल का कहना है कि यूपी एटीएस ने उन्हें दो ही संदिग्ध सौंपे थे।
ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाक समर्थित आतंकी मॉड्यूल से कथित रूप से जुड़े दो संदिग्धों इम्तियाज और मोहम्मद जलील को बुधवार को रिहाल कर दिया। मंगलवार को दी गई जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश की एटीएस ने आतंकी मॉड्यूल से कथित जुड़ाव के चलते प्रतापगढ़ से मोहम्मद इम्तियाज (कल्लू), रायबरेली स्थित ऊंचाहार से मोहम्म्द जमील और प्रयागराज स्थित करेली से मोहम्मद ताहिर (मदनी) को उठाया था।
मंगलवार को यूपी एटीएस प्रमुख जीके गोस्वामी और यूपी पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने मीडिया को यह जानकारी दी थी। तीनों को इस मॉड्यूल का आरोपी करार दिया गया था और तीनों को ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपने के बारे में बताया गया था।
हालांकि बुधवार शाम तक हालात काफी बदल गए और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जलील और इम्तियाज को अपनी जांच और पूछताछ के बाद जाने दिया। वहीं, तीसरे संदिग्ध ताहिर के बारे में स्पेशल सेल ने किसी भी तरह की सूचना होने से ही मना कर दिया।
बताया गया है कि स्पेशल सेल की पूछताछ में जलील और इम्तियाज की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद उनके परिवार को बुलाकर दोनों को उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस जांच में अब तक इन लोगों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सके हैं।
हालांकि इन सबके बीच सबसे हैरानी वाली बात यह है कि यूपी एटीएस द्वारा स्पेशल सेल को सौंपा गया, तीसरा संदिग्ध कहां चला गया, कोई नहीं बता पाया है।
मंगलवार को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि ऐसा लगता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस टीम का हिस्सा था और हवाला नेटवर्क के जरिए इसकी फंडिंग की जा रही थी। पुलिस ने कहा कि ये गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के दौरान की गईं। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग आगामी त्योहारी सीजन से पहले शहरों की रेकी कर रहे थे। नवरात्रि और रामलीला को निशाना बनाना इनका मकसद था।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान महाराष्ट्र के जान मोहम्मद शेख (47), दिल्ली के ओसामा (22), उत्तर प्रदेश के रायबरेली के मूलचंद (47), इलाहाबाद के जीशान कमर (28), बहराइच के मोहम्मद अबू बकर (23) और लखनऊ से मोहम्मद आमिर जावेद (31) के रूप में हुई है।
इस संबंध में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी नीरज ठाकुर ने कहा, "गिरफ्तार किए गए छह में से दो आतंकी (ओसामा और जीशान) पाकिस्तान में प्रशिक्षित थे और वे इसी साल भारत में घुसे थे। इन लोगों के बारे में सूचना मिलने पर हमने एक विशेष टीम बनाई। पहले गिरफ्तारी महाराष्ट्र में हुई, फिर दो दिल्ली से, उसके बाद हमने यूपी एटीएस के साथ मिलकर तीन को गिरफ्तार किया।"
Updated on:
16 Sept 2021 12:46 am
Published on:
16 Sept 2021 12:25 am
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