
रेवाड़ी गैंगरेप के बाद पलवल के एक स्कूल में लड़कियों से छेड़छाड़ और मारपीट का मामला आया सामने
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के रेवाड़ी में विभत्स गैंगरेप कांड का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पलवल में एक छात्राओं के साथ छेड़खानी और पिटाई करने के मामला सामने आया है। अब यह मामला धीरे-धीरे गरमाता जा रहा है। सोमवार को इसके विरोध में दलित समाज के लोगों ने पिन्गोड गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ताला जड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे गांव के लोगों ने इस तरह की घटना के लिए कुछ दबंग लोगों और स्कूल के अध्यापकों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा घायल छात्राओं की शिकायत पर न तो मुकदमा दर्ज किया गया है और न ही लड़कियों की मेडिकल जांच कराई गई है। इसको लेकर लोगों ने पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया है।
आश्वासन मिलने के बाद खोला स्कूल का ताला
आपको बता दें कि इस मामले को लेकर गांव के सरपंच छग्गालाल ने भी छात्राओं के साथ हो रही वारदातों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस संबंध में शिक्षा विभाग और पुलिस को सूचित किया जा चुका है, लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ स्कूल की प्रिंसिपल ने दलित समाज के आरोपों को निराधार बताया है। बता दें कि जब स्कूल में ताला जड़ने की सूचना हसनपुर खंड शिक्षा अधिकारी को मिली तो फौरन स्कूल पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी और फिर तत्कार कार्रवाई करते हुए आरोपी अध्यापकों सहित तीन कर्मचारियों को स्कूल से तुरंत हटाने एवं उनकी जगह नए अध्यापक भेजने का आश्वासन दिया गया। दलित समाज के लोगों ने आश्वासन मिलने के बाद स्कूल का ताला खोला। इस दौरान सभी छात्र-छात्राएं और शिक्षक स्कूल के बाहर ही खड़े रहे।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि दलित समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि दो दिन पहले दबंग गुट के छात्रों ने दो लड़कियों पर हमला किया था। छात्रों ने लड़कियों की डंडों से पिटाई करके घायल कर दिया था। हैरानी की बात है कि यह वारदात स्कूल के गेट पर हुई थी। पीड़ित छात्राओं ने आरोप लगाया है कि जब इस घटना के बारे में सदर पुलिस को सूचित किया गया तो उनकी बातें नहीं सुनी गई। इस बाबात न तो पुलिस ने मामला दर्ज किया और न हीं कोई मेडिकल जांच कराई। बता दें कि घायल लड़की बारवीं कक्षा में पढ़ती है और आरोपी भी उसी कक्षा में पढ़ते हैं। इधर दलित समाज के लोगों का कहना है कि अब उन्हें अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग बता रहे हैं कि अब कुछ लड़के स्कूल से घर आने के दौरान भी लड़कियों को तंग करते हैं। इसकी वजह से बच्चियों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। दलित समाज के लोगों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
Published on:
17 Sept 2018 03:22 pm
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