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51 करोड़ का ड्रग्स, पिस्टल, 19 कारतूस! मुंबई के आलीशान फ्लैट में नशे की फैक्ट्री, लिव-इन कपल गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई ममुनी सरकार के बांग्लादेशी होने का शक है, जो मुख्य आरोपी शोएब के साथ इस फ्लैट में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी शोएब एक आदतन अपराधी है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 27, 2026

Drugs Smuggling in Mumbai

मुंबई के फ्लैट में चल रही थी सीक्रेट ड्रग्स फैक्ट्री, 50 करोड़ की एमडी और हथियार जब्त (AI Image)

मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने दक्षिण मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके (Agripada) में एक बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह काला कारोबार किराए के एक-बीएचके फ्लैट में चल रहा था, जहां अवैध मेफेड्रोन (MD) फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फ्लैट मालिक और पड़ोसियों को भी इस सीक्रेट ड्रग्स लैब की भनक तक नहीं थी।

51 करोड़ रुपये की MD ड्रग्स बरामद

कांदिवली एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने 25 मई को अग्रीपाड़ा के 23 मंजिला यास्मीन टॉवर (Yasmin Tower) की 10वीं मंजिल पर छापा मारा। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 14.493 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50.74 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद ड्रग्स में 8.305 किलो लिक्विड एमडी और 6.188 किलो मेफेड्रोन पाउडर शामिल है।

कपूर-अगरबत्ती से रोकते थे गंध

शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी फ्लैट के बाहर किसी को भी केमिकल की तेज गंध न आये, इसके लिए एसी को हर समय चालू रखते थे। साथ ही फ्लैट में अगरबत्ती और कपूर का धुआं भी किया जाता था।

बांग्लादेशी महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में शोएब शौकत उर्फ मंसूर (31), सुफियान मंसूर (28) और ममुनी सरकार (27) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ममुनी सरकार एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला है और वह शोएब के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पुलिस के अनुसार, शोएब इस पूरे रैकेट का मुख्य किरदार है और उसके खिलाफ पहले से लूट और मारपीट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

फ्लैट के अंदर चल रही थी ड्रग्स फैक्ट्री

छापेमारी के दौरान पुलिस को फ्लैट से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, कच्चा माल और मशीनें भी मिलीं। इतना ही नहीं, एक पिस्टल और 19 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

फोन पर मिलते थे ड्रग बनाने के निर्देश

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शोएब किसी अज्ञात व्यक्ति से फोन पर निर्देश लेकर ड्रग्स तैयार कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ड्रग्स किन लोगों को सप्लाई की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

हथियार क्यों रखा था? पुलिस कर रही जांच

डीसीपी नवनीत धवले ने बताया कि फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और यह जांच की जा रही है कि उन्होंने हथियार किस मकसद से रखा था और क्या उसका इस्तेमाल किसी वारदात में किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।