
Minors Raped In Odisha
ओडिशा। केंद्र सरकार ने भले ही नाबालिग बच्चियों से बलात्कार को लेकर सख्त कानून बना दिया हो, लेकिन रेपिस्टों में इसका खौफ अभी भी नहीं है। नाबालिग बच्चियों से रेप के मामले में केंद्र सरकार ने फांसी की सजा का प्रावधान कर दिया है, लेकिन देश की खाप पंचायतें अभी भी फटे में टांग डाल रही हैं। दरअसल, मामला ओडिशा का है, जहां पर एक दिव्यांग नाबालिग बच्ची से रेप के मामले को पंचायत की तरफ से दबाने की कोशिश की गई।
पंचायत ने मामले को किया रफा-दफा
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, रेप के इस मामले को पंचायत की तरफ से रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन जब पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई तो परिजनों की भी अकल ठिकाने आई और उसके बाद जाकर पुलिस में केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और 48 साल के रेपिस्ट को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। आरोपी की पहचान ब्रजबंधू साहू के रूप में हुई है, जो कि ओडिशा के गदाधर प्रसाद गांव का रहने वाला है।
पुलिस में जाने के बाद आरोपी हुआ गिरफ्तार
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि रेप की यह घटना करीब 4 महीने पुरानी है। आरोबी ब्रजबंधु साहू ने पीड़िता के दिव्यांग होने का फायदा उठाकर उसके साथ रेप किया था। पुलिस ने ही जानकारी दी कि रेप पीड़िता शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम है।
क्या है पूरा मामला
4 महीने पुराने रेप के इस मामले में पंचायत की तरफ से जबरदस्त वाली लापरवाही देखने को मिली। आरोप है कि रेप की घटना के बाद मामला सबसे पहले पंचायत के पास गया था, जहां पंचायत ने मामले को रफ-दफा करना चाहा। पंचायत ने आरोपी के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो लड़की के परिजनों की अकल ठिकाने आई और पुलिस में केस दर्ज कराया।
Updated on:
11 May 2018 01:47 pm
Published on:
11 May 2018 02:04 pm
बड़ी खबरें
View Allक्राइम
ट्रेंडिंग
